आदित्यपुर :सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोती नगर में बेखौफ चोरों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात चोरों ने मोती नगर स्थित एक निर्माणाधीन मकान का दरवाजा तोड़कर करीब 70 से 80 हजार रुपये मूल्य के महंगे निर्माण सामग्री चुरा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद चोर आराम से सामान ढोकर पैदल ही चलते बने, जिसकी पूरी तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई है।रविवार दोपहर करीब 12:00 बजे घटना की जानकारी देते हुए वार्ड संख्या 4 के स्थानीय पार्षद शुभम कुमार पांडे ने पुलिसिया गश्त और सुस्त रवैये पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
दरवाजे का कब्जा तोड़ घुसे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से निर्माणाधीन मकान को निशाना बनाया।बीती रात चोरों ने निर्माणाधीन घर के दरवाजे के कब्जे को तोड़ा और भीतर रखे महंगे निर्माण उपकरण, लोहे के सामान व अन्य सामग्रियां चुरा लीं। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें संदिग्ध चोर चोरी की गई सामग्री को ढोकर पैदल ही ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित गृहस्वामी के अनुसार चोरी गए सामानों की कुल कीमत लगभग 70,000 से 80,000 रुपये है।
“चोरों ने नाक में दम कर रखा है” — वार्ड पार्षद शुभम पांडे
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर आक्रोश जाहिर करते हुए वार्ड 4 के पार्षद शुभम कुमार पांडे ने कहा पार्षद शुभम पांडे ने कहा, “मोती नगर में चोरी की वारदातें थम नहीं रही हैं। पुलिस द्वारा चोर पकड़े भी जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद इलाके में अपराधियों ने आम लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। पुलिस प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए गंभीरता दिखानी चाहिए।” उन्होंने मांग की कि मोती नगर और आसपास के इलाकों में रात के वक्त पुलिसिया गश्त को तुरंत बढ़ाया जाए। यदि पुलिस प्रशासन त्वरित कार्रवाई नहीं करता है, तो वे मोती नगर निवासियों के साथ मिलकर आदित्यपुर थाने का घेराव करेंग।
सरायकेला डीसी और आदित्यपुर मेयर से करेंगे शिकायत
पार्षद शुभम पांडे ने स्पष्ट किया कि मोती नगर में सुरक्षा व्यवस्था की इस गंभीर स्थिति को लेकर वे चुप नहीं बैठेंगे। वे इस पूरे मामले, चोरी की सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय पुलिस की लचर गश्ती को लेकर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त और आदित्यपुर नगर निगम के मेयर से लिखित शिकायत करेंगे, ताकि क्षेत्र में स्थायी पुलिस पिकेट या नियमित गश्त सुनिश्चित की जा सके।
