जमशेदपुर: शहर में गिरती कानून-व्यवस्था के विरोध में 3 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित जमशेदपुर बंद के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर गुरुवार को भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचा।प्रतिनिधिमंडल में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, जिला अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने एसएसपी से मुलाकात कर बंद के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।
18 भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ है मामला
भाजपा नेताओं का कहना है कि जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के 18 भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, जिसे वे अनुचित मानते हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और इसमें किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, तोड़फोड़ या आम लोगों को परेशान करने जैसी कोई घटना नहीं हुई।
“जनता ने स्वेच्छा से बंद का समर्थन किया”
भाजपा नेताओं ने कहा कि शहरवासियों ने स्वयं आगे बढ़कर बंद को सफल बनाया था। उनके अनुसार, यह बंद गिरती कानून-व्यवस्था के खिलाफ जनता की भावना का प्रतीक था और इसमें लोगों का व्यापक समर्थन मिला।उन्होंने कहा कि बंद के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर भी लोगों ने सवाल उठाए थे।
पुलिस पर लगाया बेवजह कार्रवाई का आरोप
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना कारण पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है। उन्होंने मांग की कि दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि पुलिस ने बेवजह कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई जारी रखी, तो पार्टी पुलिस के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष तरीके से अपना दायित्व निभाना चाहिए और निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करना चाहिए।
