धनबाद: झारखंड के धनबाद में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वासेपुर स्थित उसके मकान पर बुलडोजर चला दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रशासनिक टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य अपराधियों के अवैध ठिकानों और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली संपत्तियों को ध्वस्त कर उनके नेटवर्क को कमजोर करना है।
निरसा विधायक को धमकी मिलने के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब निरसा विधायक अरूप चटर्जी को कथित तौर पर गैंगस्टर प्रिंस खान की ओर से विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप पर वॉइस मैसेज, वीडियो और टेक्स्ट संदेश भेजकर रंगदारी मांगी गई। आरोप है कि 24 घंटे के भीतर रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।विधायक द्वारा मामले की जानकारी पुलिस को दिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
कौन है प्रिंस खान?
प्रिंस खान, जिसका वास्तविक नाम हैदर अली बताया जाता है, धनबाद के वासेपुर क्षेत्र का कुख्यात अपराधी है। वह गैंगस्टर फहीम खान का भांजा माना जाता है। फहीम खान के जेल जाने के बाद प्रिंस खान ने क्षेत्र में अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया और रंगदारी, हत्या, फायरिंग तथा अन्य संगठित अपराधों के जरिए दबदबा बनाया।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और धमकी समेत 58 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 70 तक बताई गई है।
विदेश से चला रहा है गैंग का नेटवर्क
जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रिंस खान वर्ष 2021 से फरार है और विदेश में रहकर अपने गिरोह का संचालन कर रहा है। पहले उसके दुबई में छिपे होने की चर्चा थी, जबकि अब पाकिस्तान के बहावलपुर में मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है।पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं, सीबीआई के माध्यम से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
पिछले छह महीनों में गैंग पर लगातार कार्रवाई
धनबाद पुलिस ने पिछले छह महीनों के दौरान प्रिंस खान गैंग के दो दर्जन से अधिक सहयोगियों, शूटरों और स्लीपर सेल के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। विभिन्न छापेमारी के दौरान हथियार, नकदी और करोड़ों रुपये मूल्य से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।पुलिस का दावा है कि इन कार्रवाइयों से गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पहले भी हो चुकी है कुर्की-जब्ती की कार्रवाई
वासेपुर स्थित मकान पर यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी प्रशासन कुर्की-जब्ती के तहत दरवाजे, खिड़कियां और अन्य हिस्सों को हटाने की कार्रवाई कर चुका है। इस बार मकान को अवैध निर्माण और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने के आरोप में ध्वस्त किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी है तलाश
प्रशासन का कहना है कि धनबाद पुलिस, झारखंड एटीएस, सीबीआई, इंटरपोल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां मिलकर प्रिंस खान की गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर रंगदारी और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
