जमशेदपुर के बाबूडीह बस्ती में डीजे बंद कराने पहुंची पुलिस से झड़प, गिरफ्तारी के विरोध में एसएसपी कार्यालय पहुंचे लोग

जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के भुइयांडीह स्थित बाबूडीह बस्ती में बीती रात तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर पुलिस और बस्तीवासियों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच झड़प और मारपीट की स्थिति बन गई। इस घटना के बाद पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया है।गिरफ्तारी के विरोध में बस्तीवासी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और हिरासत में लिए गए युवकों को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच और उन्हें छोड़ने की मांग की।

रात 12 बजे डीजे बजने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस

पुलिस के अनुसार, देर रात करीब 12 बजे सूचना मिली थी कि बाबूडीह बस्ती में कुछ युवक तेज आवाज में डीजे बजाकर हंगामा कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और डीजे बंद करने को कहा।पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया और पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया।

पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया

घटना के बाद पुलिस ने बस्ती के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया। पुलिस की ओर से पुलिसकर्मियों पर हमला कर घायल करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई है।

बस्तीवासियों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप

वहीं, बस्तीवासियों ने घटना को लेकर अलग आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूजा के अवसर पर वे लोग डीजे बजाकर खुशी मना रहे थे। पुलिस के पहुंचने के बाद वे डीजे बंद करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान विवाद बढ़ गया।बस्तीवासियों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज की और विरोध करने पर कार्रवाई की गई। उनका यह भी आरोप है कि रानी दिग्गी नामक एक महिला के साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गई। बस्तीवासियों के अनुसार महिला का इलाज एमजीएम अस्पताल में कराया गया।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

बड़ी संख्या में पुलिस पहुंचने और लाठीचार्ज का दावा

बस्तीवासियों का दावा है कि प्रारंभिक विवाद के बाद काफी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बस्ती में लाठीचार्ज किया गया। उनका आरोप है कि 10 से अधिक युवकों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया, जिनमें कुछ लोग ड्यूटी से घर लौटे थे और उनका घटना से कोई संबंध नहीं था।हालांकि, पुलिस की ओर से बस्तीवासियों के इन सभी आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

एसएसपी से निष्पक्ष जांच और निर्दोषों को छोड़ने की मांग

घटना के बाद बड़ी संख्या में बस्तीवासी एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए युवकों को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।बस्तीवासियों ने मांग की कि जिन लोगों की घटना में कोई भूमिका नहीं है, उन्हें जांच के बाद छोड़ा जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के दावों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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