धनबाद: भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे करीबी गुर्गे सैफी अब्बास नकवी उर्फ मेजर को मंगलवार को एक बार फिर एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। धनबाद थाना में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस पूछताछ ने वासेपुर गैंग के ‘स्लीपर सेल’ और उनके मददगारों के नेटवर्क को बेनकाब कर दिया है।
एसएसपी और सिटी एसपी ने खुद संभाली कमान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार और सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव सहित कई डीएसपी खुद थाने पहुंचे।पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारी के बाद सैफी को यह तीसरी बार रिमांड पर लिया गया है। इससे पहले पुलिस उसे दो बार (तीन-तीन दिन) रिमांड पर लेकर अहम सुराग जुटा चुकी है।आज की पूछताछ के बाद सैफी को कोर्ट में पेश कर वापस न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया जाएगा।
कौन हैं ‘सफेदपोश’ मददगार और यूट्यूब पत्रकार?
सूत्रों के हवाले से खबर है कि सैफी ने पूछताछ में कुछ ऐसे चौंकाने वाले नाम उगले हैं, जो समाज में प्रतिष्ठित माने जाते हैं। आरोप है कि प्रिंस खान के रंगदारी और धमकी भरे वीडियो को वायरल करने में कुछ तथाकथित यूट्यूब पत्रकारों की बड़ी भूमिका थी। ये लोग वीडियो फैलाकर शहर के व्यापारियों में दहशत पैदा करते थे ताकि गैंग आसानी से वसूली कर सके। पूछताछ में गैंग के आर्थिक मददगारों (सफेदपोशों) के बारे में भी जानकारी मिली है, जो पर्दे के पीछे रहकर गैंग को रसद और तकनीकी मदद मुहैया कराते थे।
वासेपुर गैंग के नेटवर्क पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
सैफी अब्बास उर्फ मेजर को प्रिंस खान का ‘दिमाग’ माना जाता है। पुलिस की जांच का फोकस अब इन बिंदुओं पर है। गैंग कैसे अपने टारगेट चुनता था और विदेशों से प्रिंस खान के निर्देशों को जमीन पर कैसे लागू किया जाता था। पुलिस अब उन सभी लोगों का कच्चा चिट्ठा (डोजियर) तैयार कर रही है, जिनके नाम सैफी ने लिए हैं। जल्द ही शहर के कुछ बड़े चेहरों पर पुलिसिया शिकंजा कस सकता है।
पुलिस का संदेश: “कोई नहीं बचेगा”
एसएसपी प्रभात कुमार ने संकेत दिए हैं कि अपराध को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह पत्रकारिता की आड़ में हो या राजनीति की, बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का लक्ष्य प्रिंस खान के नेटवर्क को आर्थिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करना है।
