जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की ओर से देश के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा को लेकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया गया। एआईएसएफ कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की।
साकची गोलचक्कर पर नारेबाजी; “लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए छात्र एकजुट”
बुधवार को साकची गोलचक्कर पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए छात्र-युवा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह के पुतले के साथ मार्च निकाला और साकची गोलचक्कर पर उसे आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं ही लोकतंत्र की असली रीढ़ हैं, जिस पर वर्तमान में गंभीर संकट मंडरा रहा है।
“लोकतांत्रिक सवालों की नैतिक जिम्मेदारी लेकर दें इस्तीफा” — विक्रम कुमार
पुतला दहन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए एआईएसएफ झारखंड के राज्य सचिव विक्रम कुमार ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे हमले बोले एआईएसएफ राज्य सचिव विक्रम कुमार ने कहा,”मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और देश के गृह मंत्री अमित शाह भारतीय लोकतंत्र की मर्यादाओं को चोट पहुंचा रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े गंभीर और संवेदनशील सवालों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इन दोनों को अपने-अपने पदों से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र सिर्फ निर्धारित समय पर चुनाव कराने भर की औपचारिकता नहीं है, बल्कि स्वतंत्र व निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाएं, नागरिक अधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी इसकी वास्तविक बुनियाद हैं। यदि इन बुनियाद पर चोट होगी तो छात्र-युवा खामोश नहीं रहेंगे।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन का आह्वान
एआईएसएफ राज्य सचिव ने झारखंड और देश भर के छात्र-युवाओं से आह्वान किया कि वे लोकतंत्र, संविधान और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि एआईएसएफ आने वाले दिनों में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों से लेकर राज्य स्तर तक अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करेगा।
