जमशेदपुर : लौहनगरी के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित बिंदल मॉल के चर्चित उडुपी रेस्टोरेंट में 26 सितंबर की दोपहर हुई अंधाधुंध 12 राउंड फायरिंग मामले में जमशेदपुर पुलिस की एसआईटी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जमशेदपुर पुलिस की टीम ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले (मणिपुर थाना क्षेत्र) में छापेमारी कर घटना के मुख्य साजिशकर्ता शंकर मुंडा समेत चार आरोपियों को धर दबोचा।बुधवार को जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने संवाददाता सम्मेलन कर इस सनसनीखेज कांड के खुलासे की पूरी जानकारी साझा की।
रेलवे ठेकेदारी और जमीन कारोबार की पुरानी रंजिश में रची गई थी साजिश
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि वारदात के पीछे की मुख्य वजह रेलवे ठेकेदारी और जमीन के कारोबार से जुड़ी पुरानी अदावत है।26 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे डोमिनिक सैमसन अपने साथियों (रिजवान, दिलशान उर्फ दानिश और कृष्णा चौधरी) के साथ उडुपी रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे। तभी दो शूटरों ने भीतर घुसकर ताबड़तोड़ 12 गोलियां चलाईं, जिसमें चारों गंभीर रूप से घायल हो गए थे और फिलहाल टीएमएच में भर्ती हैं। घटना के बाद घायलों के फर्द बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सीसीटीवी फुटेज से खुली परतें; छत्तीसगढ़ तक पीछा कर एसआईटी ने दबोचा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी और कई थानों के प्रभारियों को मिलाकर एक उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन किया गया था। घटनास्थल व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर मुख्य साजिशकर्ता शंकर मुंडा और उनके साथियों की भूमिका स्पष्ट हुई।वारदात के बाद आरोपी सफेद रंग की मारुति अर्टिगा कार से राज्य छोड़कर भागे थे। एसआईटी ने लोकेशन ट्रेस करते हुए सरगुजा (छत्तीसगढ़) में दबिश देकर चारों को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर ले आई। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात के बाद भागने में प्रयुक्त अर्टिगा कार (JH05 EA 7928) और 6 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास और शूटरों की तलाश
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शामिल शंकर मुंडा, रमेश कुमार शर्मा उर्फ गुड्डू शर्मा उर्फ टीटू शर्मा, और मनोज कुमार सरकार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ पूर्व से ही लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। चौथे आरोपी की पहचान दीप कुमार ओझा के रूप में हुई है।एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने स्पष्ट किया कि मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी है। घटना को अंजाम देने वाले असल शूटरों और हथियार मुहैया कराने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एसआईटी की छापेमारी लगातार जारी है।
