जमशेदपुर : लौहनगरी के सोनारी स्थित “बजरंग इंडेन गैस” एजेंसी आज दोपहर अखाड़े में तब्दील हो गई। रसोई गैस की किल्लत के बीच एजेंसी पर अवैध वसूली और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगे हैं। आक्रोशित उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालक के बीच हुई तीखी झड़प ने उस वक्त हिंसक मोड़ ले लिया, जब संचालक परिवार पर महिलाओं और मीडियाकर्मियों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा।
₹2500 में एक सिलेंडर! कालाबाजारी से फूटा जनता का गुस्सा
गुरुवार दोपहर बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस लेने एजेंसी पहुँचे थे। उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि एजेंसी द्वारा एक घरेलू सिलेंडर के लिए 2500 रुपये की मांग की जा रही है।रसीद के तय दाम से कई गुना अधिक कीमत वसूले जाने पर जब लोगों ने विरोध किया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उपभोक्ताओं के अनुसार, विरोध करने पर संचालक ने सीधे लहजे में कहा— “जो उखाड़ना है उखाड़ लो, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा।”
महिलाओं और मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी व छीना-झपटी
हंगामे की सूचना पर जब स्थानीय मीडियाकर्मी कवरेज के लिए पहुँचे, तो संचालक का गुस्सा उन पर भी फूट पड़ा।आरोप है कि सच दिखाने से रोकने के लिए एजेंसी संचालक और उसके परिजनों ने पत्रकारों को भद्दी गालियां दीं और उनके मोबाइल छीनने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि संचालक के बेटे और घर की महिलाओं ने प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस? प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरी घटना के दौरान सबसे हैरान करने वाला पहलू पुलिस की भूमिका रही। हंगामे के वक्त मौके पर पुलिस बल मौजूद था, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस केवल तमाशबीन बनी रही। सरेआम हो रही गुंडागर्दी और छीना-झपटी के बावजूद पुलिस द्वारा तत्काल कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोग अब जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग से इस ‘गैस सिंडिकेट’ की जांच की मांग कर रहे हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग
सोनारी के उपभोक्ताओं ने उपायुक्त और इंडेन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से अपील की है कि “बजरंग इंडेन गैस” का लाइसेंस रद्द किया जाए और कालाबाजारी व मारपीट करने वालों को जेल भेजा जाए। फिलहाल, क्षेत्र में इस घटना को लेकर काफी तनाव बना हुआ है और लोग कार्रवाई के इंतजार में हैं।
