जमशेदपुर : पोटका के विधायक संजीव सरदार ने मंगलवार सुबह 10:30 बजे सुंदरनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में भारी कुप्रबंधन, गंदगी और शैक्षणिक शून्यता देखने को मिली। विधायक ने मौके से ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
वार्डन की कार्यशैली पर उठे सवाल: “हम आपको नहीं पहचानते”
निरीक्षण की शुरुआत ही विवाद के साथ हुई। 12 वर्षों से विद्यालय में तैनात वार्डन रीना कुमारी सिंह विधायक को पहचान तक नहीं सकीं। जब विधायक ने अपना परिचय दिया, तब भी वार्डन का अड़ियल रवैया बरकरार रहा और उन्होंने कहा कि “हम तब भी आपको नहीं पहचानते हैं।” इस व्यवहार पर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे घोर अनुशासनहीनता करार दिया।
बदहाल शिक्षा: 40 छात्राओं में से कोई नहीं बता पाया देश की जनसंख्या

विधायक जब कक्षाओं में पहुँचे, तो शैक्षणिक स्तर देखकर दंग रह गए। विद्यालय में कुल 22 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन अधिकांश कक्षाओं (कक्षा 10, 11 और 12) में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था। कक्षा 12 की 40 छात्राओं में से एक भी छात्रा भारत या झारखंड की जनसंख्या से संबंधित सामान्य प्रश्न का उत्तर नहीं दे सकी।कई कक्षाएं पूरी तरह खाली मिलीं, जबकि ऑन-पेपर उपस्थिति दर्ज थी।
किचन में गंदगी और एडमिशन में धांधली के आरोप

विधायक ने छात्राओं के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े अन्य गंभीर मुद्दों पर भी नाराजगी जताई। किचन में गंदगी का अंबार और मक्खियों की भरमार देख विधायक ने रसोइयों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में खाना बनाना छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। पुड़िहासा के ग्रामीण भोक्ता हांसदा ने शिकायत की कि बीपीएल परिवार होने के बावजूद उनकी बेटी का दाखिला नहीं लिया गया। आरोप है कि वार्डन नियमों को ताक पर रखकर अपनी मर्जी से एडमिशन ले रही हैं।
“शिक्षा मंत्री से होगी शिकायत” – संजीव सरदार
निरीक्षण के बाद विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट किया कि विद्यालय की स्थिति संतोषजनक नहीं है।”अभिभावकों की शिकायतें सच साबित हुई हैं। 22 शिक्षकों के होने के बावजूद छात्राएं बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दे पा रही हैं। मैंने डीईओ मनोज कुमार को वार्डन से स्पष्टीकरण मांगने और 3 दिनों में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस पूरे मामले से मैं राज्य के शिक्षा मंत्री को भी अवगत कराऊंगा।”
