जमशेदपुर: सफाईकर्मियों के अधिकारों के लिए डीएलसी कार्यालय पर सत्यम सिंह के नेतृत्व में धरना, अपर श्रम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में दिन-रात योगदान देने वाले सफाईकर्मियों के अधिकार, सम्मान और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर शुक्रवार को झारखंड प्रदेश युवा इंटक के तत्वावधान में जिला श्रम कार्यालय के समक्ष एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।युवा इंटक के प्रदेश अध्यक्ष सत्यम सिंह के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में झारखंड प्रदेश इंटक के वरिष्ठ अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। धरना के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने अपर श्रम आयुक्त को 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

26 नहीं पूरे 30 दिनों का मिले वेतन; सफाईकर्मियों की 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें

धरना-प्रदर्शन के माध्यम से युवा इंटक ने सफाईकर्मियों की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं जिसमें पूर्ण 30 दिनों के वेतन का भुगतान, 26 दिनों के आधार पर कटौतियां बंद कर पूरे 30 दिनों का मासिक वेतन सुनिश्चित किया जाए,शोषणकारी ठेका प्रथा को समाप्त कर सफाईकर्मियों का सीधे और स्थायी रूप से समायोजन/नियुक्ति हो, सभी पात्र कर्मियों को अनिवार्य रूप से ईएसआई, पीएफ और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए, अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले इन कर्मियों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा लाभ सुनिश्चित हो,कार्य के दौरान सेफ्टी किट, मास्क, ग्लव्स, जूते व अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक साधन उपलब्ध कराए जाएं, सफाईकर्मियों व उनके परिजनों के लिए स्थायी आवास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले, कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाए और किसी भी प्रकार के मानसिक/शारीरिक उत्पीड़न पर सख्त रोक लगे और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नियमित ग्रीवेंस रेड्रेसल (शिकायत निवारण) मॉनिटरिंग सिस्टम बने।

“सफाईकर्मियों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं” — राकेश्वर पांडेय व सत्यम सिंह

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने श्रम प्रशासन को सख्त चेतावनी दी।राकेश्वर पांडेय (अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश इंटक) ने कहा कि सफाईकर्मी समाज और शहर की रीढ़ हैं। उन्हें उचित वेतन, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना नियोजकों की वैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। इंटक संगठित तरीके से सफाईकर्मियों के हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगा। सत्यम सिंह ने कहा,”शहर को साफ रखने वाले सफाईकर्मियों को यदि अपने बुनियादी हक, सुरक्षा उपकरण और पूरे महीने के वेतन के लिए सड़कों पर उतरना पड़े, तो यह प्रशासनिक विफलता है। यह कोई भीख नहीं, बल्कि उनके श्रम का जायज हक है। यदि मांगों पर त्वरित पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।”

इंटक व युवा कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे मौजूद

इस विशाल विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने में युवा इंटक और कांग्रेस के कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश युवा इंटक के सोशल मीडिया प्रभारी रितेश राय ‘जैकी’, सचिव जितेंद्र सिंह, पूर्वी सिंहभूम युवा इंटक जिलाध्यक्ष रोहन सिंह, उपाध्यक्ष रोशन मुखी, नमिता सिंह, महासचिव सोनू सिंह, प्रज्ञा शर्मा, मिथुन चक्रबर्ती, युवा कांग्रेस नेता शुभम शुक्ला, सुदामा मुखी, अनिश सिंह, नवीन यादव, अभिषेक यादव, सतीश मुखी, निरंजन रविदास, जिशु सिंह और राजा यादव समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता व सफाईकर्मी उपस्थित थे।

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