जमशेदपुर :झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। जमशेदपुर के सुंदरनगर थाना क्षेत्र के एक जनजातीय परिवार ने बाबूलाल सोरेन और उनके सहयोगियों पर रैयती जमीन पर अवैध कब्जा करने और विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित परिवार ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
सुंदरनगर थाना क्षेत्र के खुकड़ाडीह निवासी लाल बाबू सिंह ने उपायुक्त को दिए अपने आवेदन में बताया है कि खुकड़ाडीह स्थित खाता संख्या 87 और प्लॉट संख्या 288 उनकी रैयती व खतियानी जमीन है, जिसकी लगान रसीद उनके दादाजी के नाम पर है। इस पुश्तैनी जमीन पर पिछले कई वर्षों से कुछ भू-माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा जमाया गया है। पीड़ित परिवार द्वारा पूर्व में भी कई बार उनसे जमीन खाली करने का अनुरोध किया गया था।
19 मई की घटना: मां-बेटे के साथ मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, बीते 19 मई को जब उन्होंने अपनी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे का विरोध किया, तो भू-माफियाओं ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।”विरोध करने पर भू-माफियाओं ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। जब मुझे बचाने मेरी मां बीच-बचाव करने आईं, तो हमलावरों ने उनके साथ भी बर्बरता से मारपीट की। मारपीट करने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन, सुनाराम माझी और छोटो माझी का पुत्र मुख्य रूप से शामिल थे।”— लाल बाबू सिंह, पीड़ित
उपायुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने जिले के उपायुक्त से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। पत्र में मांग की गई है कि जमीन के दस्तावेजों (खतियान और रसीद) की पड़ताल कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उनकी जमीन वापस दिलाई जाए।
मामले का राजनीतिक प्रभाव
पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र का नाम आने के कारण यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की सत्यता जांचने के लिए राजस्व अधिकारियों व स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट मांगी जा रही है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में बाबूलाल सोरेन या उनके पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
