जमशेदपुर: अपराध नियंत्रण को लेकर जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। जमशेदपुर एसएसपी कार्यालय सभागार में अंतरजिला पुलिस मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों ने अपराधियों की गिरफ्तारी, उनकी गतिविधियों पर निगरानी और बेहतर पुलिसिंग को लेकर विस्तार से चर्चा की।बैठक में खास तौर पर तड़ीपार अपराधियों पर नजर रखने और दोनों जिलों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
एसएसपी कार्यालय में जुटे दोनों जिलों के अधिकारी
अंतरजिला पुलिस मीटिंग में जमशेदपुर और सरायकेला जिले के वरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में जमशेदपुर एसएसपी एहतेशाम वकारीब, सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गीय, जमशेदपुर सिटी एसपी ललित मीणा समेत डीएसपी स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।अधिकारियों ने दोनों जिलों में अपराध की स्थिति, अपराधियों की गतिविधियों और उनकी गिरफ्तारी को लेकर आपसी समन्वय से काम करने की रणनीति पर चर्चा की।
तड़ीपार अपराधियों पर रहेगी विशेष नजर
बैठक में तड़ीपार किए गए अपराधियों को लेकर पुलिस की सतर्कता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। जमशेदपुर और सरायकेला की सीमा एक-दूसरे से सटी होने के कारण ऐसे अपराधियों के एक जिले से दूसरे जिले में जाकर छिपने या आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की आशंका को देखते हुए सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने तय किया कि दोनों जिलों की पुलिस आपसी तालमेल के साथ ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखेगी और जरूरत पड़ने पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगी।
थाना प्रभारी और डीएसपी स्तर पर भी होंगी बैठकें
बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में थाना प्रभारी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की अंतरजिला बैठकें समय-समय पर आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के माध्यम से दोनों जिलों के बीच अपराध से संबंधित सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान किया जाएगा।पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नियमित समन्वय से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और सीमा क्षेत्र में पुलिसिंग को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अपराध नियंत्रण के लिए सूचनाओं का होगा त्वरित आदान-प्रदान
अंतरजिला बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि अपराधियों की गतिविधियां किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहती हैं। ऐसे में दोनों जिलों की पुलिस के बीच बेहतर सूचना तंत्र और समन्वय जरूरी है।पुलिस का फोकस अपराधियों की पहचान, उनकी गतिविधियों की निगरानी और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर समय पर कार्रवाई करने पर रहेगा।
