रांची: झारखंड सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उन अभ्यर्थियों के लिए बड़ी घोषणा की है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है। राज्य सरकार की “मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना” के तहत पात्र अभ्यर्थियों को अब मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) की तैयारी के लिए ₹1.50 लाख की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई 2026, शाम 6:00 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।
योजना में किए गए बड़े बदलाव
राज्य सरकार ने योजना के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं जिसमे सहायता राशि ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख कर दी गई है।परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी गई है।संशोधन के बाद अधिक संख्या में एससी /एसटी अभ्यर्थी योजना का लाभ उठा सकेंगे।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी जिसमे की अभ्यर्थी को झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 उत्तीर्ण की हो।परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक नहीं हो।योजना का लाभ केवल एक बार मिलेगा।केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य सिविल सेवा कोचिंग योजना का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा जिसमे ऑनलाइन जारी आवासीय प्रमाण-पत्र,जाति प्रमाण-पत्र,आय प्रमाण-पत्र,शैक्षणिक प्रमाण-पत्र,यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 का प्रवेश पत्र,प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण-पत्र। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन जारी प्रमाण-पत्र ही मान्य होंगे।
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। भरा हुआ आवेदन आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय, रांची में स्वयं जमा किया जा सकता है। इसके अलावा स्पीड पोस्ट या पंजीकृत डाक के माध्यम से भी आवेदन भेजा जा सकता है।सरकार ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि से पहले आवेदन जमा करने की अपील की है।
