जमशेदपुर/सरायकेला : अपनी सामाजिक सक्रियता और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ जंग लड़ने वाली पद्मश्री छुटनी महतो ने प्रधानमंत्री की हालिया अपीलों को देशहित में बेहद जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि इन अपीलों को अपनाकर हर नागरिक देश की अर्थव्यवस्था और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है।
स्वास्थ्य और बचत: तेल के सीमित उपयोग की सराहना
छुटनी महतो ने खाद्य तेल के कम इस्तेमाल की अपील को सीधे तौर पर परिवार की सेहत से जोड़ा। उन्होंने कहा कि तेल का सीमित उपयोग न केवल बीमारियों को दूर रखेगा, बल्कि बढ़ती महंगाई के दौर में घरेलू खर्च को कम करने में भी मदद करेगा। उन्होंने महिलाओं और परिवारों से अपने खानपान के प्रति अधिक सतर्क रहने का आग्रह किया।
स्वदेशी अपनाएं, अर्थव्यवस्था बढ़ाएं
‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया। यदि लोग स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो छोटे उद्योगों को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।उनके अनुसार, आत्मनिर्भर भारत का सपना सरकार अकेले नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही पूरा कर सकती है।
वर्क फ्रॉम होम: समय और संसाधनों की बचत
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए छुटनी महतो ने आधुनिक कार्य संस्कृति का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि पहले कार्यों के लिए उन्हें बार-बार बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब वे तकनीक के माध्यम से कई कार्य घर से ही संपन्न कर लेती हैं। इससे न केवल समय बचता है, बल्कि ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों की भी बचत होती है।
“मोदी हैं तो मुमकिन है”
छुटनी महतो ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर अटूट विश्वास जताते हुए कहा कि पीएम के संदेश को गंभीरता से लेना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन सात अपीलों को एक सकारात्मक सोच के साथ अपनाएं ताकि देश अधिक सशक्त और संगठित हो सके।
