राजनगर: सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत गामदेसाई निवासी प्रसिद्ध पशुपालक एवं अनुभवी पशु चिकित्सक रातू हांसदा का बुधवार देर रात इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार को राजनगर में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, जहाँ ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया है।
16 अप्रैल को हुआ था भीषण हादसा
घटनाक्रम के अनुसार, बीते 16 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे राजनगर स्थित तारा होटल के पास रातू हांसदा सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान चाईबासा की ओर जा रहे एक अनियंत्रित ट्रक से बाहर निकली लोहे की चादर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल हांसदा को पहले राजनगर सीएचसी , फिर जमशेदपुर के एमजीएम और टीएमएच ले जाया गया। अंत में उन्हें रांची के रिम्स रेफर किया गया, जहाँ लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
चक्का जाम और 10 लाख का मुआवजा
गुरुवार को जैसे ही रातू हांसदा का पार्थिव शरीर राजनगर पहुंचा, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर सिदो-कान्हू चौक को पूरी तरह जाम कर दिया।प्रदर्शनकारी मृतक के परिवार के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं।दिवंगत चिकित्सक के सम्मान और घटना के विरोध में स्थानीय दुकानदारों ने अपनी दुकानें स्वेच्छा से बंद रखी हैं।
प्रशासन की कोशिशें बेअसर
जाम की सूचना मिलते ही बीडीओ मलय कुमार और थाना प्रभारी विपुल कुमार ओझा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और जाम हटवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। शुक्रवार सुबह तक जाम जारी रहने के कारण राजनगर-चाईबासा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रक मालिक का अब तक पता नहीं चल सका है और प्रशासन मुआवजे को लेकर ठोस आश्वासन नहीं दे रहा है।
