जुगसलाई में दूषित पानी की आपूर्ति से बढ़ी परेशानी, क्षतिग्रस्त जल टैंकों की मरम्मत की मांग

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जमशेदपुर: जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति और जल टैंकों की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कई मोहल्लों में गंदा पानी मिलने और पर्याप्त प्रेशर से जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत सामने आई है। इस मामले में नीलोफर हुसैन ने संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई करते हुए स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।उन्होंने पेयजल की वैज्ञानिक जांच कराने, क्षतिग्रस्त जल टैंकों की मरम्मत और प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से पर्याप्त प्रेशर के साथ पानी उपलब्ध कराने की अपील की है।

पानी के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग

नीलोफर हुसैन के अनुसार, जुगसलाई के कई इलाकों में घरों तक पहुंचने वाला पानी साफ नहीं है। दूषित पानी के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता जताई है।उन्होंने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी के नमूने लेकर टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स), पीएच स्तर, बैक्टीरिया, हानिकारक सूक्ष्मजीवों और अन्य संभावित दूषित पदार्थों की जांच कराई जाए। साथ ही, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों को पानी की गुणवत्ता के बारे में सही जानकारी मिल सके।उन्होंने यह भी मांग की है कि जब तक पानी के पीने योग्य होने की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

एक लाख गैलन क्षमता वाले जल टैंक में खराबी की शिकायत

जुगसलाई नगर परिषद के बगल में स्थित लगभग एक लाख गैलन क्षमता वाले जल टैंक की स्थिति भी खराब होने की शिकायत की गई है। नीलोफर हुसैन के अनुसार, टैंक के फिल्टर में दरारें हैं और पर्याप्त प्रेशर नहीं मिलने से आसपास के इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।इस समस्या से तेल गली, पल गली, राजाराम बाड़ी, गरीब कॉलोनी, पीबी रोड, पहलवान डेरा और मछली मोहल्ला के निवासियों को परेशानी होने की बात कही गई है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल टैंक की तकनीकी जांच कराने, फिल्टर की मरम्मत करने और जलापूर्ति का प्रेशर सामान्य करने की मांग की है।

एमई स्कूल रोड कंपाउंड का जल टैंक आठ महीने से क्षतिग्रस्त

एमई स्कूल रोड कंपाउंड में स्थित एक अन्य जल टैंक के भी आठ महीने से अधिक समय से क्षतिग्रस्त होने की शिकायत सामने आई है। शिकायत के मुताबिक, टैंक टूटने के कारण उसमें मलबा और अन्य सामग्री जमा हो गई है।स्थानीय लोगों को आशंका है कि टैंक में किसी व्यक्ति या जानवर के गिरने से दुर्घटना हो सकती है। इसको देखते हुए तत्काल निरीक्षण कराने, जमा मलबा हटाने और टैंक की सुरक्षित मरम्मत या जरूरत पड़ने पर पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई है।

निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव की जांच की मांग

शिकायत में यह सवाल भी उठाया गया है कि करीब 15 वर्ष पहले निर्मित जल टैंक इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त कैसे हो गया। नीलोफर हुसैन ने टैंक के निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी स्थिति और रखरखाव की जांच कराने की मांग की है।उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्वच्छ पेयजल और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील

नीलोफर हुसैन ने संबंधित अधिकारियों से पेयजल की गुणवत्ता की जांच, दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान और क्षतिग्रस्त जल टैंकों की मरम्मत जल्द कराने का आग्रह किया है। उन्होंने सभी प्रभावित मोहल्लों में पर्याप्त प्रेशर के साथ स्वच्छ पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी की।उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकता है। ऐसे में जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई करना जरूरी है।

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