Views: 3
जमशेदपुर। शहर में डेंगू के खतरे को देखते हुए टाटा स्टील ने इसकी रोकथाम के लिए निगरानी, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। टाटा स्टील यूआईएसएल के माध्यम से संचालित इस अभियान में घर-घर सर्वेक्षण के साथ नागरिकों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, इस सीजन में अब तक 4.89 लाख से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया गया है और 26 हजार से ज्यादा संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों को नष्ट किया गया है।कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे हर सप्ताह कम से कम 10 मिनट निकालकर अपने घर और आसपास पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच करें। टाटा स्टील का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए नियमित सफाई, पानी जमा होने से रोकना और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना बेहद जरूरी है।
4.89 लाख घरों का सर्वे, 26 हजार से अधिक प्रजनन स्थल नष्ट
टाटा स्टील के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 4,89,601 घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। घरों के अंदर मच्छरों के प्रजनन के 14,193 और घरों के बाहर 11,855 स्थलों को नष्ट किया गया है। इस तरह कुल 26,048 संभावित प्रजनन स्थलों को समाप्त किया गया है।सर्वेक्षण के दौरान टीमों की ओर से घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान की जाती है। लोगों को पानी के बर्तनों की नियमित जांच करने, कूलर और गमलों की सफाई रखने तथा अनुपयोगी सामान में पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
हाउस इंडेक्स निर्धारित लक्ष्य से कम
डेंगू नियंत्रण अभियान के प्रभाव का आकलन करने के लिए हाउस इंडेक्स (एचआई) पर भी नजर रखी जा रही है। यह उन घरों का प्रतिशत दर्शाता है, जहां मच्छरों के प्रजनन के प्रमाण मिलते हैं।कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर तक औसत हाउस इंडेक्स 2.7 रहा, जबकि निर्धारित परिचालन लक्ष्य 5 है। सितंबर में यह घटकर 2.4 पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि नियमित निगरानी और प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की कार्रवाई से स्थिति में सुधार लाने में मदद मिली है।
212 जागरूकता कार्यक्रम, 4.40 लाख से अधिक संवाद
टाटा स्टील के #PaltiMaar3 अभियान के तहत स्कूलों और विभिन्न समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस सीजन में अब तक 212 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें स्कूलों में 104 नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विद्यार्थियों और आम लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी दी गई है।इसके अलावा, फील्ड टीमों ने घर-घर जाकर 4.40 लाख से अधिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता संवाद किए हैं। अभियान के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि डेंगू की रोकथाम घर से शुरू होती है और नियमित रूप से कुछ मिनट देकर मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सकता है।
बच्चों को बनाया जा रहा जागरूकता का माध्यम
डेंगू नियंत्रण अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी को भी अहम माना जा रहा है। नुक्कड़ नाटकों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से बच्चों को मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान करना सिखाया जा रहा है।विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को साफ-सफाई रखने तथा घरों में पानी जमा नहीं होने देने के लिए प्रेरित करने को कहा जा रहा है। इससे स्कूलों के माध्यम से परिवारों और समुदायों तक डेंगू से बचाव का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेष वाहनों से हटाया जा रहा अनुपयोगी सामान
नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए टाटा स्टील यूआईएसएल के सेवा क्षेत्र में अब तक 92 आईईसी वैन-कम-कंटेनर संग्रह अभियान चलाए गए हैं। इन विशेष वाहनों के माध्यम से जागरूकता फैलाने के साथ पुराने टायर, डिब्बे और अन्य अनुपयोगी सामान एकत्र किए जाते हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा होने से मच्छर पनप सकते हैं।इस पहल का उद्देश्य लोगों को जागरूक करने के साथ उन वस्तुओं को भी हटाना है, जो मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकती हैं।
लापरवाही पर नोटिस, 2,654 मामलों की जानकारी जेएनएसी को
कंपनी के अनुसार, मच्छरों के प्रजनन से जुड़ी 2,654 घटनाओं की जानकारी उचित कार्रवाई के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) को दी गई है। वहीं, जिन घरों और परिसरों में मच्छरों के प्रजनन की स्थिति पाई गई, वहां 2,115 नोटिस जारी किए गए हैं।कंपनी का कहना है कि निगरानी और कार्रवाई का उद्देश्य लोगों को डेंगू की रोकथाम के प्रति जिम्मेदार बनाना है। इसके लिए स्थानीय निकायों और संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
9 सितंबर तक डेंगू के 21 पुष्ट मामले
टाटा स्टील की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 तक जमशेदपुर जिले में डेंगू के 21 पुष्ट मामले सामने आए थे। इनमें नौ मामले टाटा स्टील यूआईएसएल के सेवा क्षेत्र के थे।कंपनी के अनुसार, किसी मामले की पुष्टि होने पर संबंधित इलाके में निगरानी बढ़ाई जाती है। साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, जागरूकता फैलाने और फॉगिंग जैसी गतिविधियां संचालित की जाती हैं, ताकि संक्रमण के आगे फैलने की आशंका कम की जा सके।
फॉगिंग के साथ प्रजनन स्थलों को नष्ट करना जरूरी
डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग भी की जा रही है। हालांकि, केवल फॉगिंग के भरोसे डेंगू पर नियंत्रण पाना संभव नहीं है। एडीज एजिप्टी मच्छर घरों के अंदर और आसपास रखे कूलर, गमले, पुराने टायर और अन्य पात्रों में जमा साफ पानी में पनप सकते हैं।इसलिए पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर उनकी नियमित सफाई करना और दोबारा पानी जमा होने से रोकना जरूरी है।
हर सप्ताह 10 मिनट दें, घर को बनाएं डेंगू रोकथाम का केंद्र
टाटा स्टील ने शहरवासियों से हर सप्ताह कम से कम 10 मिनट निकालकर अपने घर और आसपास के क्षेत्रों की जांच करने की अपील की है। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखने, कूलर और गमलों की सफाई करने तथा छतों, पुराने टायरों और अनुपयोगी सामान में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है।कंपनी ने लोगों से सप्ताह में एक दिन को ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाने की भी अपील की है, ताकि घरों और आसपास पानी जमा होने की स्थिति को खत्म किया जा सके।टाटा स्टील के मुताबिक, इस सीजन में करीब 4.9 लाख घरों का सर्वेक्षण, 26 हजार से अधिक मच्छर प्रजनन स्थलों को नष्ट करना और 4.40 लाख से ज्यादा जागरूकता संवाद अभियान के प्रमुख परिणाम हैं। कंपनी ने कहा कि जमशेदपुर को डेंगू से सुरक्षित बनाने के लिए नागरिकों, स्थानीय निकायों, स्कूलों और संबंधित संस्थाओं का सहयोग जरूरी है।
टाटा स्टील का संदेश है—हर सप्ताह 10 मिनट दें, जांचें, साफ करें और ढकें।
