एक ओर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति शहर को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाने के प्रयास में जुटी है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई बस्ती क्षेत्रों में कचरे का अंबार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। सोनारी और बारीडीह बस्ती में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
बारीडीह भोजपुर कॉलोनी में नदी किनारे लगा कचरे का ढेर
हमारे संवाददाता आनंद राव द्वारा किए गए निरीक्षण में बारीडीह बस्ती की भोजपुर कॉलोनी में नदी किनारे बड़ी मात्रा में कचरा जमा मिला।स्थानीय लोगों के अनुसार, विधायक फंड से छठ पूजा के लिए नदी तक पहुंचने हेतु पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन कचरा डंप करने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग घरेलू कचरा नदी किनारे ही फेंक रहे हैं। स्थिति यह है कि पीसीसी सड़क पर कचरे के बीच घास और छोटे पौधे तक उग आए हैं।
जेएनएसी का पक्ष: वाहन जाता है, लेकिन लोग सड़क किनारे फेंकते हैं कचरा
मामले में जेएनएसी के अधिकारी प्रकाश साव और क्षेत्र के सुपरवाइजर विशाल ने बताया कि कचरा संग्रहण वाहन प्रतिदिन क्षेत्र में जाता है। हालांकि कुछ लोग कचरा वाहन में देने के बजाय नदी किनारे फेंक देते हैं।उन्होंने बताया कि जहां कचरा जमा है, वहां तक वाहन पहुंचने में भी कठिनाई होती है। कई बार लोगों को जागरूक किया गया है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही जमा कचरे को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
सोनारी निर्मल नगर में भी सड़क किनारे फैली गंदगी
सोनारी के निर्मल नगर, प्रेम सतगुरु टावर के समीप भी सड़क किनारे कचरे का ढेर देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों तक कचरा नहीं उठने के कारण दुर्गंध फैल रही है और आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारी बोले- गुल की राख से बढ़ रही समस्या
जेएनएसी अधिकारी जॉय गुड़िया ने बताया कि क्षेत्र के कई लोग चूल्हे में गुल (कोयले के ईंधन) का उपयोग करते हैं। इस्तेमाल के बाद उसकी राख और अन्य कचरे को सड़क किनारे फेंक दिया जाता है, जिससे कचरे का ढेर अधिक दिखाई देता है।उन्होंने कहा कि फिलहाल क्षेत्र में एक कचरा वाहन संचालित हो रहा है और जल्द ही एक अतिरिक्त वाहन भी लगाया जाएगा, ताकि कचरा संग्रहण व्यवस्था और बेहतर हो सके।
स्वच्छ शहर के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील
जेएनएसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरेलू कचरा सड़क, नदी किनारे या खुले स्थानों पर फेंकने के बजाय सीधे कचरा संग्रहण वाहन में ही दें। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी से ही शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
