जमशेदपुर: सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के एग्रीको ट्रैफिक सिग्नल के समीप रविवार देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। दोनों बाइक से दुकान के लिए सामान लेने जा रहे थे, इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित हाईवा की चपेट में आ गई। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।मृतकों की पहचान मानगो के चंद्रावती नगर निवासी दीप राम और उनके पुत्र यश के रूप में हुई है। दोनों मार्बल व्यवसाय से जुड़े थे और उनकी पूजा मार्बल नाम से दुकान बताई गई है। परिवार मार्बल से मंदिर निर्माण का काम भी करता था।
दुकान के लिए सामान लेने निकले थे पिता-पुत्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीप राम अपने पुत्र यश के साथ बाइक से एग्रीको क्षेत्र में दुकान के लिए कुछ सामान लेने गए थे। इसी दौरान एग्रीको ट्रैफिक सिग्नल के पास उनकी बाइक एक अनियंत्रित हाईवा की चपेट में आ गई।टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया।
एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। पिता-पुत्र की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।गणेश पूजा और तीज जैसे त्योहारों के बीच हुई इस घटना से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
हादसे के बाद हाईवा चालक फरार
घटना की सूचना मिलने पर सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और हाईवा को जब्त कर लिया है।हालांकि, हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
भारी वाहनों की रफ्तार पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और कथित लापरवाही को लेकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एग्रीको जैसे व्यस्त इलाके में भारी वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।दुर्घटना स्थल से कुछ दूरी पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का आवास भी स्थित है। व्यस्त इलाके में हुए इस हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
