डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में डॉ. राजेंद्र प्रसाद जयंती पर विशेष कार्यक्रम: ‘एन.एस.एस. इकाई एक परिचय’ के साथ युवाओं को सादा जीवन-उच्च विचार के लिए प्रेरित किया गया

जमशेदपुर:डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन की एन.एस.एस. इकाई एक के तत्वावधान में मंगलवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद जयंती तथा एन.एस.एस. इकाई एक परिचय कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के बहुउद्देशीय हॉल में बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। ज्ञान, सद्भावना और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जीवन पर प्रकाश

कार्यक्रम का संचालन नीलू कुमारी और परिमल पाल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जीवन और योगदान को विभिन्न माध्यमों से याद किया गया: पूजा कुमारी ने प्रेरणादायक हिंदी भाषण दिया, जिसके बाद नेहा कुमारी ने अंग्रेज़ी भाषण प्रस्तुत कर डॉ. राजेंद्र प्रसाद के महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।सृष्टि कुमारी और मुस्कान कुमारी द्वारा महान व्यक्तित्व पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई, जिसे सभी विद्यार्थियों ने सराहा।इसके बाद रूपा कुमारी ने भावपूर्ण हिंदी कविता प्रस्तुत की और सेमेस्टर-2 के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से एन.एस.एस. लक्ष्य गीत गाया।

एन.एस.एस. परिचय और प्रेरणादायक अनुभव

कार्यक्रम के दूसरे चरण में राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी गई।एलिसा और इंशा ने एन.एस.एस. का परिचय और उसके उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी, जिससे नए छात्रों को इसकी महत्ता समझ आई। रोहित पोद्दार ने एन.एस.एस. कुरुक्षेत्र कैंप के अपने अनुभवों को छात्रों के साथ साझा किया, जो अत्यंत प्रेरणादायक रहा।

सादा जीवन और उच्च विचार का संदेश

प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता ने देश के प्रथम राष्ट्रपति के जीवन से संबंधित कई रोचक घटनाओं को उद्धृत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए ‘सादा जीवन और उच्च विचार’ के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम की रूपरेखा एन.एस.एस. इकाई की प्रोग्राम ऑफिसर पूनम कुमारी ने तैयार की थी। सफल कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन बेबी रानी जाना ने किया। अंत में, राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इस सफल आयोजन में कॉलेज की सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह सचिव सुधा दिलीप, उप प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल, शिक्षक गण और सहायक सहकर्मी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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