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जमशेदपुर। भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर संगठन में हाल ही में घोषित मंडल अध्यक्षों के नामों को लेकर आंतरिक असंतोष खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को बारीडीह मंडल कमेटी के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष चयन प्रक्रिया को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए अपने-अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया।इस्तीफा देने वालों में बूथ अध्यक्ष, भवन प्रमुख, मंडल पदाधिकारी तथा विभिन्न मंच-मोर्चा के पदाधिकारी शामिल हैं, जो स्थानीय संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
नियम-कानून को दरकिनार कर हुआ चयन
इस्तीफा देने वाले बागी नेताओं ने पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मंडल अध्यक्ष का चयन प्रदेश संगठन के नियम-कानून को पूरी तरह दरकिनार कर किया गया है।कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस्तीफा देने से पूर्व सोमवार की शाम करीब 7 बजे एग्रिको स्थित शिव सिंह बगान (रायसुमारी स्थल) पर बारीडीह मंडल के नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई थी।इस बैठक में संगठन की नई अध्यक्षीय चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए और सर्वसम्मति से इसका विरोध करने का निर्णय लिया गया।
लिखित इस्तीफे शीर्ष नेतृत्व को सौंपे गए
बैठक के बाद बारीडीह मंडल के पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की।सभी इस्तीफे लिखित रूप में हस्ताक्षर के साथ तैयार किए गए हैं।इन इस्तीफों को जिला अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय भाजपा कार्यालय को प्रतिलिपि के रूप में सौंप दिया गया है।कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह कदम उन्होंने पूरी तरह स्वेच्छा से संगठनात्मक प्रक्रिया के विरोध में उठाया है। उन्होंने साफ किया कि यह सामूहिक इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि मंडल अध्यक्ष चयन प्रक्रिया से उनकी असहमति के कारण दिया गया है।
जिलाध्यक्ष का जवाब
इस घटनाक्रम के बाद जमशेदपुर भाजपा की आंतरिक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उधर, बीजेपी महानगर जिलाध्यक्ष ने इस मामले पर नपा-तुला जवाब देते हुए कहा किनाराज कार्यकर्ताओं की बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा दी जाएगी। पार्टी में संवैधानिक तरीके से सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है।
