जमशेदपुर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को जमशेदपुर के एग्रीको क्लब हाउस में आरंभ संस्था की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 246 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस अवसर पर रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और हेलमेट देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान आरंभ संस्था के संस्थापक सत्यम सिंह ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशील समाज की पहचान है। एक व्यक्ति का रक्तदान किसी अनजान जरूरतमंद की जान बचाने का माध्यम बन सकता है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ और सक्षम व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
गांधी-शास्त्री के आदर्शों को सेवा के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास
सत्यम सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवन में सेवा, त्याग, सत्य और मानवता को सर्वोच्च स्थान दिया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का आदर्श प्रस्तुत किया। दोनों महापुरुषों की जयंती पर रक्तदान शिविर आयोजित कर संस्था ने उनके विचारों को सामाजिक सेवा के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।उन्होंने कहा कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसव और ऑपरेशन जैसी चिकित्सकीय परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। चूंकि रक्त का निर्माण किसी फैक्ट्री में नहीं किया जा सकता, इसलिए इसकी उपलब्धता स्वैच्छिक रक्तदान पर निर्भर करती है।
युवाओं से रक्तदान अभियान में भाग लेने की अपील
संस्था के संस्थापक ने युवाओं से विशेष रूप से रक्तदान जैसे सामाजिक अभियानों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। युवाओं की भागीदारी से जरूरतमंदों की सहायता के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
246 रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और हेलमेट देकर किया सम्मानित
गांधी और शास्त्री जयंती पर आयोजित इस शिविर में 246 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। रक्तदाताओं के उत्साह और योगदान के सम्मान में आरंभ संस्था की ओर से सभी को प्रमाण पत्र और हेलमेट प्रदान किए गए।संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्तदाताओं का सम्मान करने का उद्देश्य उनके योगदान को सराहने के साथ समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक संदेश देना भी है।
मयंक प्रताप सिंह ने बताया रक्तदान का महत्व
इस अवसर पर संस्था के मयंक प्रताप सिंह ने कहा कि रक्तदान ऐसी सामाजिक सेवा है, जिसका लाभ किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को मिल सकता है। आरंभ संस्था का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना और लोगों में सेवा एवं सहयोग की भावना को मजबूत करना है।उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई लोग रक्तदान करने से संकोच करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सकता है। संस्था भविष्य में भी जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
समाजसेवियों और संस्था के सदस्यों ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और समाजसेवियों ने आरंभ संस्था की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि गांधी और शास्त्री जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन समाज में सेवा और मानवीय संवेदनशीलता का संदेश देता है।शिविर में चंद्रगुप्त सिंह, विजय खा, संजीव श्रीवास्तव, सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैज़ अहमद, आर. के. सिंह, शशिभूषण प्रसाद, बंटी सिंह, रणजीत सिंह, पवन कुमार बबलू और राहुल गोस्वामी सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।रक्तदान शिविर को सफल बनाने में संस्था के सदस्य रितेश राय जैकी, शुभम शुक्ला, शुभम मुखी, रौशन मुखी, नवीन यादव, जगदीप सिंह, निक्कू सिंह, रघुचंदन प्रधान, सुभास प्रसाद, सोनू सिंह, जिशु, अनीश सिंह और मो. शक्लेंन खान सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।कार्यक्रम के समापन पर आरंभ संस्था की ओर से सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, समाजसेवियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संस्थापक सत्यम सिंह ने कहा कि संस्था आगे भी जरूरतमंदों तक सेवा और सहयोग पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहेगी।
