जमशेदपुर: मतदाता अधिकार और निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को जमशेदपुर के साकची में वामदलों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कई मांगें उठाई गईं।भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। साथ ही एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई गई।निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर को लेकर आधिकारिक स्तर पर प्रक्रिया जारी है और आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर एसआईआर -2026 से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
गलत तरीके से हटाए गए नाम बहाल करने की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान यदि किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसे दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए और उसका मतदान का अधिकार बहाल किया जाना चाहिए।वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक योग्य नागरिक का मत लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है। इसलिए मतदाता सूची तैयार करने और उसके पुनरीक्षण की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी योग्य नागरिक का नाम गलत तरीके से सूची से बाहर न हो।
निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर जोर
प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग रखी।वामदलों की ओर से कहा गया कि लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
कई वामपंथी दलों के कार्यकर्ता हुए शामिल
प्रदर्शन में सीपीआई (एम), सीपीआई, एसयूसीआई (सी) और सीपीआई (एमएल) समेत विभिन्न वामपंथी दलों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान अंबुज ठाकुर समेत अन्य वक्ताओं ने मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बातें रखीं।
