जमशेदपुर: डिमना लेक को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। वन विभाग की ओर से आधुनिक सुविधाओं के विकास की तैयारी की जा रही है, लेकिन लेक की मौजूदा स्थिति कई गंभीर चुनौतियों की ओर इशारा कर रही है। गंदगी, असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित कर रही हैं।
गंदगी और असामाजिक गतिविधियों से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार डिमना लेक क्षेत्र में दिनभर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। कई लोग खुलेआम शराब का सेवन करते हैं और खाली बोतलें व प्लास्टिक कचरा परिसर में ही फेंक देते हैं। इससे न केवल लेक की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी असहज माहौल बन रहा है।परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्था के कारण आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बोड़ाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस प्रमुख पर्यटन स्थल पर नियमित पुलिस गश्त नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़े हुए हैं। वहीं सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मानी जा रही है। समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस पर छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों ने डिमना लेक को स्वच्छ बनाने की पहल की। करीम सिटी कॉलेज और ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने लेक परिसर में सफाई अभियान चलाया।इस दौरान छात्रों ने लेक किनारे फैली प्लास्टिक, कांच की बोतलों और अन्य कचरे को एकत्र कर साफ-सफाई की। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रशासन से नियमित निगरानी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग भी की।
डिमना लेक के लिए पर्यटन विकास की बड़ी योजना
वन विभाग द्वारा डिमना लेक को एक आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित योजना के तहत लेक किनारे कुटिमाकुली क्षेत्र में 10 आधुनिक रेस्ट हाउस बनाए जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा ताकि यहां आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके।
सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देने की मांग
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि केवल बुनियादी ढांचे का विकास पर्याप्त नहीं होगा। पर्यटन परियोजना की सफलता के लिए सुरक्षा, नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, सीसीटीवी निगरानी और प्रभावी सफाई व्यवस्था को भी प्राथमिकता देनी होगी।उनका मानना है कि यदि प्रशासन, वन विभाग और आम नागरिक मिलकर प्रयास करें तो डिमना लेक को झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया जा सकता है।
प्राकृतिक सुंदरता को बचाने की जरूरत
चारों ओर पहाड़ियों से घिरे डिमना लेक की पहचान इसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण है। लेकिन वर्तमान हालात इस पहचान को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में पर्यटन विकास योजनाओं के साथ-साथ स्वच्छता, सुरक्षा और अनुशासन को लेकर ठोस कदम उठाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।
