जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में जिला उपायुक्त (डीसी) राजीव रंजन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत तथा जनहित से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा।
राशन कार्ड से लेकर पारिवारिक प्रताड़ना तक के आए मामले
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान उपायुक्त के सामने सामाजिक, प्रशासनिक और पारिवारिक मोर्चों से जुड़े कई संवेदनशील आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख हैं वृद्ध माता-पिता के साथ उनके ही बेटा-बहू द्वारा किया जा रहा अमानवीय व्यवहार। डायलिसिस यूनिट में मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत, शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के नामांकन में आ रही अड़चनें तथा चिकित्सीय सहायता। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लोन (ऋण) स्वीकृति में देरी और बैंकिंग संबंधी अन्य समस्याएं। जलमीनार की मरम्मत, पक्की नाली निर्माण, निजी भूमि पर अवैध अतिक्रमण, जमीन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), मुआवजा भुगतान, मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने और बिजली के पोल लगाने से संबंधित जनहित के आवेदन।
उपायुक्त का सख्त निर्देश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सभी मामलों की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन शिकायतों की तुरंत जांच करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जन शिकायत निवारण दिवस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और सीधा समाधान करना है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ तय समय सीमा के भीतर शिकायतों का निष्पादन सुनिश्चित करें। जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
समाधान प्रक्रिया होगी और प्रभावी
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजनों से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे शीर्ष प्रशासन के समक्ष रखने का मंच मिल रहा है, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि समाधान प्रक्रिया को भी और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
