जमशेदपुर। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बीबीए पांचवी सेमेस्टर की लगभग 150 छात्राओं को फेल किए जाने के विरोध में छात्राओं और छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया। छात्राओं ने कॉपियों की दोबारा जांच (रीचेकिंग) कराकर उन्हें पास करने की मांग की है।
कुलसचिव पर अभद्रता और धमकाने का आरोप
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दीपक पांडे ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र नेता ने कहा जब वे छात्राओं की समस्या को लेकर कुलसचिव से मिलने गए, तो उन्होंने मुलाकात करने से साफ मना कर दिया।कुलसचिव ने खुद मिलने के बजाय दो प्रतिनिधियों को भेजा, जो समस्या सुनने के बजाय छात्राओं को डराने-धमकाने लगे।इस रवैए से नाराज छात्राएं अपने अंक प्रमाण पत्र (मार्कशीट) के साथ प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गईं और नारेबाजी करने लगीं।
छात्र नेता और कुलसचिव के बीच तीखी बहस
हंगामे के बीच जब कुलसचिव सामने आए, तो छात्र नेता दीपक पांडे और उनके बीच तीखी नोकझोंक और गरमा-गरम बहस शुरू हो गई। यह विवाद काफी देर तक चलता रहा और विश्वविद्यालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन बैकफुट पर आया।
कॉपियों की जांच के लिए कमेटी गठित
बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए आनन-फानन में विश्वविद्यालय प्रशासन ने फेल छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं (कॉपियों) की रीचेकिंग और जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।
“गर्मी छुट्टी के बाद रिजल्ट नहीं सुधरा, तो होगा उग्र आंदोलन”
छात्र नेता दीपक पांडे ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि गर्मी की छुट्टियों के तुरंत बाद सभी प्रभावित छात्राओं का रिजल्ट सुधार कर उन्हें पास किया जाए, क्योंकि इस परिणाम से छात्राएं अपने भविष्य को लेकर मानसिक रूप से काफी चिंतित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छुट्टियों के बाद भी रिजल्ट में सुधार नहीं हुआ, तो कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आर-पार का उग्र आंदोलन किया जाएगा।
