जमशेदपुर: शंकोसाई खड़िया बस्ती गोलीकांड का खुलासा; नशे की हालत में पैसों के विवाद में देवदास को मारी थी गोली, हथियार के साथ 3 गिरफ्तार

जमशेदपुर : जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत शंकोसाई रोड नंबर-4 स्थित खड़िया बस्ती में मंगलवार देर रात हुई अंधाधुंध गोलीबारी की घटना का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों में भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।इस वारदात में राजनगर निवासी 21 वर्षीय देवदास गोप उर्फ देव गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।

आधी रात को अस्पताल पहुंची पुलिस, ऐसे सुलझी घटनास्थल की मिस्ट्री

इस पूरे मामले की शुरुआत मंगलवार (16 जून) की रात करीब 11 बजे हुई, जब एमजीएम अस्पताल प्रबंधन की ओर से पुलिस को सूचना दी गई कि गोली से घायल एक युवक को इमरजेंसी में लाया गया है। शुरुआत में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले युवकों ने घटनास्थल को लेकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लोकेशन स्पष्ट नहीं होने के कारण एमजीएम थाना और उलीडीह ओपी की पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। सघन सत्यापन के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि फायरिंग की यह खूनी वारदात कहीं और नहीं, बल्कि उलीडीह ओपी क्षेत्र के शंकोसाई रोड नंबर-4 स्थित खड़िया बस्ती में अंजाम दी गई थी।

नशे की महफिल में पैसों के लेन-देन पर चला दी पिस्टल

वरीय पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर ग्रामीण (प्रभार में नगर) पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा पटमदा डीएसपी के नेतृत्व में एमजीएम थाना और उलीडीह ओपी की एक संयुक्त स्पेशल टीम बनाई गई। पुलिस ने घायल देवदास को अस्पताल छोड़कर भागने की फिराक में लगे दो युवकों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया।

कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरी खौफनाक कहानी सामने आई

हिरासत में लिए गए नीरज प्रधान और देवाशीष प्रधान ने कुबूल किया कि रात के वक्त वे सभी लोग शंकोसाई में नीरज के घर पर बैठकर नशा कर रहे थे। इसी बीच देवदास गोप और नीरज के बीच पैसों के पुराने लेन-देन को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि नीरज प्रधान ने तैश में आकर अपने पास रखी अवैध पिस्टल निकाली और देवदास पर सीधे फायर झोंक दिया।

घायल को अस्पताल पहुंचाकर भागने की थी फिराक, हथियार बरामद

देवदास को गोली लगने के बाद नीरज और देवाशीष घबरा गए। वे खून से लथपथ देवदास को अपनी बाइक पर लादकर एमजीएम अस्पताल पहुंचे। वे डॉक्टरों को केस सौंपकर वहां से रफूचक्कर होने की तैयारी में थे, तभी मुस्तैद पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शंकोसाई स्थित घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल (अवैध हथियार) भी बरामद कर ली है।

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल

पुलिस ने इस मामले में कुल तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाते हुए जेल भेजने की तैयारी कर ली है जिसमे नीरज प्रधान (23 वर्ष): निवासी शंकोसाई रोड नंबर-5, अलमीरा फैक्ट्री के समीप, उलीडीह, जमशेदपुर (मुख्य शूटर) ,देवाशीष प्रधान (21 वर्ष): निवासी बेटकलसाई, जगन्नाथ मंदिर के समीप, केन्दमुण्डी, थाना राजनगर, सरायकेला-खरसावां और शिवा गौड़ा: निवासी शंकोसाई रोड नंबर-5, अलमीरा फैक्ट्री के समीप, उलीडीह, जमशेदपुर। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला करने की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों के पास यह अवैध हथियार कहां से सप्लाई हुआ था।

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