जमशेदपुर: भालूबासा गोलचक्कर पर चला पीला पंजा; कोर्ट के आदेश पर जेएनएसी और जुस्को ने ध्वस्त कीं 6 अवैध दुकानें, विरोध के बीच तनाव

जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भालूबासा गोलचक्कर के पास गुरुवार को प्रशासन का कड़ा रुख देखने को मिला। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति और जुस्को की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी छह दुकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।कार्रवाई के दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में भारी तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।

वर्ष 2024 से कोर्ट में चल रहा था कानूनी विवाद

इस हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक कार्रवाई की जड़ें दो साल पुराने एक अदालती मामले से जुड़ी हुई हैं। जानकारी के अनुसार, भालूबासा गोलचक्कर के समीप रहने वाले अजय नाथ ने वर्ष 2024 में अपने घर के ठीक सामने संचालित हो रही इन दुकानों के खिलाफ अदालत (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया था। अजय नाथ का आरोप था कि उनके घर के सामने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दुकानें बनाकर अतिक्रमण किया गया है, जिससे उनके परिवार को आने-जाने में भारी परेशानी होती है और रास्ते में व्यवधान पैदा होता है। मामले की लंबी सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने अजय नाथ के दावों को सही पाया और उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए अवैध निर्माण को तुरंत हटाने का सख्त आदेश जारी किया था।

कोर्ट के आदेश का हवाला देकर दुकानदारों का विरोध किया खारिज

अदालत के इसी अंतिम निर्देश के अनुपालन में गुरुवार को जेएनएसी और जुस्को के आला अधिकारी सीतारामडेरा थाने के पुलिस बल के साथ अचानक भालूबासा गोलचक्कर पहुंचे।जैसे ही जेसीबी ने दुकानों को तोड़ने के लिए पंजा आगे बढ़ाया, प्रभावित दुकानदारों और उनके समर्थकों ने कार्रवाई का पुरजोर विरोध करने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकानदारों को कोर्ट के आदेश की कॉपी दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया कि यह कार्रवाई न्यायपालिका के निर्देश पर हो रही है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की ढिलाई या मोहलत नहीं दी जा सकती। इसके बाद भारी सुरक्षा घेरे के बीच एक-एक कर सभी छह अवैध दुकानों को जमींदोज कर दिया गया।

इन दुकानदारों के आशियाने और रोजगार पर चला बुलडोजर

इस अचानक हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई में जिन स्थानीय लोगों की दुकानें हटाई गई हैं और जिन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं आशीष कुमार सोनकर,हरे कृष्णा पुथल,मनोज कुमार,संजय कुमार,शीतल और आरती। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, इस कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

“अवैध कब्जा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं” — जेएनएसी

कार्रवाई के बाद जेएनएसी और प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि यह पूरी मुहिम अदालत के आदेश के अक्षरशः अनुपालन के तहत की गई है। सरकारी भूमि और आम रास्तों को घेरकर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण भविष्य में भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर के अन्य हिस्सों में भी चिन्हित किए गए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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