जमशेदपुर:लौहनगरी के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात पुलिसिया तफ्तीश के दौरान माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया। एक युवक को पुलिस वाहन में बैठाने के दौरान हुए विवाद में वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद स्थानीय बस्तीवासियों का गुस्सा भड़क उठा। उग्र भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालात इस कदर बिगड़े कि कंट्रोल के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
घरेलू विवाद की सूचना पर पहुंची थी सिदगोड़ा पुलिस
घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार देर रात सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एक बस्ती इलाके में पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद और मारपीट की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के आलोक में सिदगोड़ा थाने की एक टीम मामले की छानबीन और दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने मौके पर पहुंची थी। पुलिस दोनों पक्षों को आगे की पूछताछ और लिखित शिकायत के लिए अपने साथ थाना ले जाने की प्रक्रिया में जुटी थी।
वाहन में बैठाने के दौरान धक्का देने का आरोप,सड़क पर गिरा युवक
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, जब पुलिस दोनों पक्षों को ले जा रही थी, तभी वहां मौजूद रवीश ठाकुर नामक युवक को सरकारी वाहन में बैठाने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने कथित रूप से जोर का धक्का दे दिया। सिपाही के धक्के के कारण रवीश ठाकुर अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरा, जिससे उसके सिर पर गहरा जख्म हो गया। इस घटना को देख आस-पास के पड़ोसी और बस्तीवासी मौके पर जमा हो गए। लोगों का आरोप था कि धक्का देने वाला पुलिसकर्मी कथित तौर पर नशे की हालत में था और युवक के साथ बेवजह जबरदस्ती की जा रही थी।
आक्रोशित भीड़ ने पुलिस गाड़ी को घेरा, थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
युवक के साथ इस बर्ताव को देख स्थानीय लोगों की नाराजगी सातवें आसमान पर पहुंच गई। लोगों ने तुरंत घायल रवीश को अस्पताल भिजवाया और मौके पर मौजूद पुलिस टीम व उनके वाहन को बंधक नुमा घेर लिया।बवाल और तनाव की सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैज अकरम भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उग्र हो रही भीड़ के बीच जाकर स्थानीय प्रबुद्ध लोगों से सीधे बातचीत की। थाना प्रभारी ने आक्रोशित जनता को शांत कराते हुए स्पष्ट कहा “पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाएगी। यदि जांच में संबंधित पुलिसकर्मी द्वारा किसी भी तरह की ज्यादती, दुर्व्यवहार या नशे में होने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
शांत हुआ मामला, जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी फैज अकरम के कड़े रुख और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद स्थानीय लोग शांत हुए और पुलिस वाहन को वहां से जाने दिया। फिलहाल सिदगोड़ा थाना पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और चश्मदीदों के बयान दर्ज करने में जुटी हुई है।
