जमशेदपुर: शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चला रहे हैं। ट्रैफिक डीएसपी और सिटी एसपी स्वयं सड़क पर उतरकर नो-पार्किंग जोन में कार्रवाई कर रहे हैं। इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों और अतिक्रमण कर व्यवसाय करने वाले ठेला-खोमचा संचालकों पर कार्रवाई भी की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिला।
हालांकि, शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल साकची में टेंपो चालकों की मनमानी अब भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आधी सड़क पर टेंपो का कब्जा, यातायात हो रहा प्रभावित
साकची गोलचक्कर स्थित चेकिंग प्वाइंट और आई हॉस्पिटल के समीप बड़ी संख्या में टेंपो सड़क के किनारे नहीं, बल्कि आधी सड़क घेरकर खड़े किए जाते हैं। यहां चालक खुलेआम बीच सड़क पर यात्रियों को बैठाते और उतारते हैं, जिससे अक्सर यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनी रहती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि आई हॉस्पिटल के पास सड़क को ही अस्थायी टेंपो स्टैंड बना दिया गया है, जिससे आम राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में भी नहीं रुक रही मनमानी
हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर टेंपो चालकों की मनमानी सबसे अधिक देखने को मिलती है, वहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी रहती है। इसके बावजूद बीच सड़क पर सवारी चढ़ाने-उतारने और सड़क पर टेंपो खड़े करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।यह स्थिति शहरवासियों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है कि आखिर कार्रवाई केवल कुछ वर्गों तक ही सीमित क्यों दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ टेंपो चालक सड़क पर वाहन खड़ा करने के एवज में ट्रैफिक पुलिस को कथित रूप से कमीशन देते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन या पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
अभियान की सफलता पर उठ रहे सवाल
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से चलाया जा रहा अभियान सराहनीय माना जा रहा है, लेकिन यदि साकची जैसे अत्यधिक व्यस्त क्षेत्रों में सड़क पर अवैध रूप से टेंपो खड़े करने और बीच सड़क पर सवारी बैठाने-उतारने की व्यवस्था जारी रहती है, तो अभियान का अपेक्षित परिणाम हासिल करना मुश्किल होगा।शहरवासियों का मानना है कि ट्रैफिक व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने के लिए सभी प्रकार के अतिक्रमण और यातायात नियमों के उल्लंघन पर समान रूप से कार्रवाई आवश्यक है। तभी जाम की समस्या से वास्तविक राहत मिल सकेगी।
