टाटा स्टील कर्मचारियों के वेतन समझौते पर लगी मुहर, 10,500 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

जमशेदपुर: टाटा स्टील कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन समझौते (वेज रिवीजन) पर आखिरकार मुहर लग गई है। लगभग एक वर्ष से चल रही प्रक्रिया के बाद टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वेतन समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं।समझौते पर टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक (एमडी) टी वी नरेंद्रन तथा टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी समेत यूनियन और प्रबंधन के अन्य पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए।

करीब 10,500 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

इस नए वेतन समझौते का लाभ टाटा स्टील के लगभग 10,500 कर्मचारियों को मिलेगा। समझौते के तहत कर्मचारियों के वेतन में न्यूनतम 16,111 रुपये और अधिकतम 30,793 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है।कर्मचारियों के बीच लंबे समय से इस समझौते को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी, जिसे अब अंतिम रूप दे दिया गया है।

अगले 7 वर्षों के लिए लागू रहेगा समझौता

प्रबंधन और यूनियन के बीच हुआ यह वेतन समझौता अगले सात वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इसे टाटा स्टील के हाल के वर्षों के महत्वपूर्ण श्रम समझौतों में से एक माना जा रहा है।यूनियन का कहना है कि समझौते में कर्मचारियों के हितों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए गए हैं।

अगस्त में खाते में आएगी बढ़ी हुई राशि

समझौते के अनुसार कर्मचारियों के बैंक खातों में बढ़े हुए वेतन का लाभ अगस्त महीने से मिलना शुरू हो जाएगा।वहीं, लंबित एरियर की राशि नवंबर महीने में कर्मचारियों के खातों में भेजी जाएगी, जिससे हजारों कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

भविष्य के लिए राशि का सदुपयोग करें: टुन्नू चौधरी

टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष टुन्नू चौधरी (संजीव चौधरी) ने समझौते को कर्मचारियों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया।उन्होंने कहा कि यूनियन ने कर्मचारियों के बेहतर भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह वेतन समझौता किया है। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे इस अतिरिक्त आय और एरियर राशि का उपयोग भविष्य की जरूरतों और बचत के लिए करें।

कर्मचारियों में खुशी का माहौल

वेतन समझौते की घोषणा के बाद कर्मचारियों के बीच खुशी का माहौल है। लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने के बाद कर्मचारियों ने यूनियन और प्रबंधन दोनों का आभार व्यक्त किया है।माना जा रहा है कि इस समझौते से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और कंपनी तथा कर्मचारियों के बीच बेहतर औद्योगिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।

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