जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने बिरसा नगर थाना क्षेत्र के हुरलूँग इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी (Raid) की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जंगलों और झाड़ियों की आड़ में धधक रही अवैध चुलाई शराब की एक विशाल भट्ठी को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया।
6000 किलो जावा-महुआ और लहन नष्ट; 20 लीटर शराब जब्त
उत्पाद विभाग की इस अचानक हुई दबिश से हुरलूँग क्षेत्र के शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया। छापेमारी दल ने मौके से ड्रमों और बर्तनों में भरकर रखी गई लगभग 20 लीटर तैयार अवैध चुलाई शराब को जब्त किया।इसके अलावा, शराब बनाने के लिए भारी मात्रा में छुपाकर रखे गए करीब 6,000 किलोग्राम (6 टन) जावा-महुआ और लहन को अधिकारियों ने मौके पर ही बहा दिया और भट्ठी के बर्तनों व उपकरणों को कुल्हाड़ी से काटकर पूरी तरह नष्ट कर दिया।
भनक लगते ही संचालक फरार, विभाग ने दर्ज किया केस
हर बार की तरह इस बार भी शराब माफियाओं का सूचना तंत्र (मुखबिर नेटवर्क) हावी रहा। छापामारी दल के हुरलूँग क्षेत्र में दाखिल होने की भनक मुख्य संचालक और उसके गुर्गों को पहले ही मिल गई थी।जब तक पुलिस और आबकारी की टीम निर्माण स्थल पर घेराबंदी करती, तब तक मुख्य संचालक अपने अन्य साथियों के साथ जंगलों का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा।हालांकि, उत्पाद विभाग ने फरार संचालक की पहचान कर ली है। विभाग की ओर से उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करते हुए उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ा कानूनी मामला दर्ज किया गया है।
“इलाके में किसी भी हाल में नहीं चलेगी अवैध भट्ठी” — विभाग
हाल ही में जमशेदपुर के विभिन्न थानों में हुई वरीय समीक्षा बैठकों और बार-पबों पर हुई औचक छापेमारी के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि बिरसानगर और आस-पास के नदी तटीय व सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के जितने भी अड्डे हैं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है।यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि शहर के युवाओं को नशे की गर्त में जाने से रोका जा सके और किसी भी प्रकार की जहरीली शराब जैसी अप्रिय घटना की आशंका को जड़ से खत्म किया जा सके। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे ऐसे अवैध निर्माण स्थलों की गुप्त सूचना सीधे पुलिस या उत्पाद विभाग के कंट्रोल रूम को दें।
