जमशेदपुर: युवाओं और स्कूली बच्चों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने तथा नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को सोनारी स्थित राजकीय जनता मध्य विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और नशे से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
साइबर ठगी से बचने के बताए उपाय
कार्यक्रम में साइबर थाना प्रभारी श्रीनिवास और साइबर थाना के सब-इंस्पेक्टर कुणाल कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों से अवगत कराया। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, फिशिंग, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।अधिकारियों ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है, इसलिए शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में साइबर अपराध एवं नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया।इस दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित डिजिटल जीवन अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
