जमशेदपुर :जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र स्थित मुख्य बस स्टैंड और उसके आसपास की सड़कों पर महीनों से लावारिस हालत में खड़ी कबाड़ (स्क्रैप) बसों को हटाने की मांग तेज हो गई है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डेवलपमेंट फाउंडेशन ने इस मुद्दे पर गहरा संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम से अविलंब कार्रवाई करने की अपील की है।
हर दिन लग रहा लंबा जाम; यात्रियों और चालकों की बढ़ी फजीहत
संगठन ने बस स्टैंड क्षेत्र का जायजा लेने के बाद यातायात में आ रही बाधाओं को रेखांकित किया।बस स्टैंड परिसर और मुख्य मार्ग के किनारे दर्जनों खराब व कबाड़ बसें खड़ी कर दी गई हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। कबाड़ वाहनों के जमावड़े के कारण बस स्टैंड के आसपास रोज घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। बस चालकों, दैनिक यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कबाड़ बसें बनीं असामाजिक तत्वों का अड्डा; मंडरा रहा हादसों का खतरा
मानवाधिकार संगठन ने सुरक्षा व्यवस्था और शहर की सुंदरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।लंबे समय से परित्यक्त पड़ी इन बसों के भीतर रात के अंधेरे में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है, जिससे क्षेत्र में अपराध और चोरी की घटनाएं बढ़ने का डर सता रहा है। सड़क किनारे बेतरतीब खड़ी इन बसों के कारण आए दिन छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। साथ ही, इन वाहनों के आसपास कचरा जमा होने से शहर की स्वच्छता और सुंदरता पर भी बुरा असर पड़ रहा है ।
“शीघ्र नहीं हटाए गए कबाड़ वाहन तो तेज होगा आंदोलन” — फाउंडेशन की चेतावनी
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डेवलपमेंट फाउंडेशन ने जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों से संयुक्त रूप से बस स्टैंड क्षेत्र का निरीक्षण करने की मांग की है।संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों को गैराज और स्क्रैप यार्ड बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। प्रशासन जल्द से जल्द इन लावारिस वाहनों को जब्त कर स्टैंड परिसर को खाली कराए ताकि यातायात सुचारू हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता के हित में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
