जेएफसी बंद करने के फैसले पर पहली बार बोली टाटा स्टील, कहा- यह रणनीतिक निर्णय, वित्तीय अनियमितता से कोई संबंध नहीं

जमशेदपुर: जमशेदपुर फुटबॉल क्लब के संचालन को बंद किए जाने के फैसले के बाद उठ रहे सवालों के बीच टाटा स्टील ने पहली बार आधिकारिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदररामम ने स्पष्ट किया कि क्लब को बंद करने का निर्णय टाटा स्टील के बोर्ड द्वारा लिया गया एक रणनीतिक फैसला है और इसका किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या आर्थिक गड़बड़ी से कोई संबंध नहीं है।

खेलों को सामाजिक दायित्व के रूप में देखती है टाटा स्टील

डीबी सुंदररामम ने कहा कि टाटा स्टील ने हमेशा खेलों को सामाजिक दायित्व और प्रतिभा विकास का माध्यम माना है। कंपनी का उद्देश्य कभी आर्थिक लाभ कमाना नहीं रहा, बल्कि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और देश में खेल संस्कृति को मजबूत करना रहा है। इसी सोच के तहत वर्ष 2017 में जमशेदपुर एफसी की शुरुआत की गई थी।

नौ वर्षों में करीब 320 करोड़ रुपये का निवेश

उन्होंने बताया कि क्लब के संचालन पर हर वर्ष लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये खर्च किए गए। अन्य प्रायोजकों के सहयोग को मिलाकर अब तक जेएफसी पर लगभग 320 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में क्लब ने भारतीय फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई और कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं, जिस पर टाटा स्टील को गर्व है।

अब ग्रासरूट फुटबॉल पर रहेगा विशेष जोर

डीबी सुंदररामम ने कहा कि भविष्य में कंपनी का मुख्य फोकस ग्रासरूट फुटबॉल को और मजबूत बनाने पर होगा। विशेष रूप से 7 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील पहले से ही 19 खेल अकादमियों का संचालन कर रही है और युवा प्रतिभाओं को निखारने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कोचिंग स्टाफ के योगदान की सराहना

क्लब के कोचिंग स्टाफ को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर की गई थी। क्लब की प्रगति में उनके योगदान का कंपनी सम्मान करती है।

खिलाड़ियों के अनुबंध और भविष्य को लेकर आश्वासन

उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन खिलाड़ियों के साथ क्लब का अनुबंध अभी प्रभावी है, उन्हें अनुबंध के अनुसार पूरा भुगतान किया जाएगा। साथ ही कंपनी यह भी प्रयास करेगी कि खिलाड़ियों को अन्य क्लबों में खेलने के अवसर मिलें, ताकि उनके पेशेवर करियर पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

जमशेदपुर में जारी रहेंगी फुटबॉल गतिविधियां

डीबी सुंदररामम ने स्पष्ट किया कि जेएफसी का संचालन बंद होने का मतलब यह नहीं है कि जमशेदपुर में फुटबॉल गतिविधियां समाप्त हो जाएंगी। टाटा स्टील आगे भी स्थानीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं, क्लबों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और युवा खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी।उन्होंने विश्वास जताया कि शहर की समृद्ध फुटबॉल परंपरा भविष्य में भी मजबूत बनी रहेगी और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मिलते रहेंगे।

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