जमशेदपुर। मानगो निवासी और पूर्व छात्र नेता जाकिर अली का शव बिरसानगर स्थित स्वर्णरेखा नदी से बरामद होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। छात्र नेताओं ने जाकिर अली की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। इस संबंध में छात्र नेता हेमंत पाठक के नेतृत्व में एसएसपी से मुलाकात कर मामले की गहन जांच और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है।
पिछले रविवार से लापता था जाकिर अली
छात्र नेता हेमंत पाठक के अनुसार, जाकिर अली पिछले रविवार से अपने घर से लापता था। काफी तलाश के बाद मंगलवार को पुलिस ने उसका शव बिरसानगर स्थित स्वर्णरेखा नदी से बरामद किया। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मानते हुए मामला दर्ज किया है।हालांकि, छात्र नेताओं ने पुलिस के इस प्रारंभिक अनुमान पर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अच्छे तैराक थे जाकिर, नदी में डूबने पर उठे सवाल
हेमंत पाठक ने कहा कि जाकिर अली एक अच्छे तैराक थे। ऐसे में नदी में डूबने से उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि शव बरामद होने के समय जाकिर के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए थे, जिन्हें देखते हुए हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।छात्र नेताओं का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव का फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम जांच के आधार पर विस्तृत परीक्षण जरूरी है।
कर्ज को लेकर विवाद की भी चर्चा
मामले में यह भी बताया जा रहा है कि जाकिर अली पर कई लोगों का कर्ज था और इसे लेकर कुछ लोगों के साथ उसका विवाद चल रहा था। इसके अलावा छात्र नेता के रूप में सक्रिय रहने के दौरान भी कई लोगों से उसकी कथित दुश्मनी होने की बात सामने आ रही है।हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस को इन सभी पहलुओं की जांच करनी होगी।
एसएसपी से गहन जांच की मांग
छात्र नेताओं ने एसएसपी से मांग की है कि जाकिर अली की मौत को केवल आत्महत्या मानकर जांच सीमित न रखी जाए। उन्होंने फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहनता से जांच करने की मांग की है।अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि जाकिर अली की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।
