जमशेदपुर: पवित्र श्रावण माह की तृतीय सोमवारी के अवसर पर सूर्य मंदिर समिति, सिदगोड़ा की ओर से सोमवार को भव्य जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। जलाभिषेक यात्रा की शुरुआत बारीडीह बस्ती स्थित स्वर्णरेखा नदी से जल उठाने के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालु जल लेकर हरि मंदिर मैदान पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ जल संकल्प कराया गया।जल संकल्प के बाद सैकड़ों की संख्या में महिलाएं कलश में जल लेकर सिदगोड़ा सूर्य मंदिर के लिए रवाना हुईं। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण धार्मिक जयकारों से भक्तिमय हो गया।


रघुवर दास ने नंगे पांव की जलाभिषेक यात्रा
जलाभिषेक यात्रा में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास भी शामिल हुए। उन्होंने नंगे पांव पैदल यात्रा करते हुए सूर्यधाम शिवालय पहुंचकर बाबा भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित किया।उन्होंने जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड के लोगों की सुख-समृद्धि, उन्नति और खुशहाली की कामना की।यात्रा में जमशेदपुर पूर्वी विधायक पूर्णिमा साहू, मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह और अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
11 पंडितों ने कराया जलाभिषेक का संकल्प
यात्रा शुरू होने से पहले बारीडीह हरि मंदिर मैदान में 11 सदस्यीय पंडितों के समूह ने श्रद्धालुओं को गंगाजल से जलाभिषेक का संकल्प कराया।सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु जुटने लगे। महिलाओं ने गेरुवा वस्त्र और पुरुषों ने गेरुवा गमछा व केसरिया ध्वज लेकर यात्रा में हिस्सा लिया।
भीड़ को देखते हुए की गई विशेष व्यवस्था
हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सूर्य मंदिर समिति की ओर से यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग कर व्यवस्था की गई। गर्मी से राहत के लिए मंदिर परिसर में बड़े पंखे और कूलर लगाए गए। पूरे यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय की व्यवस्था भी की गई।सुरक्षा व्यवस्था में करीब 200 सूर्यधाम सेवकों के साथ पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। हेल्प क्रॉस सोसायटी की ओर से मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जहां टीएमएच के चिकित्सकों ने श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवा दी।
15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
जलाभिषेक के बाद सोन मंडप परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के अनुसार 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।प्रसाद वितरण के लिए 20 काउंटर और पानी के लिए 15 काउंटर बनाए गए थे। महिलाओं के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की गई थी।श्रद्धालुओं को प्रसाद में पूरी, आलू-चना की सब्जी, पुलाव, दाल और खीर परोसी गई। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और सेवा भावना का माहौल बना रहा।
