चांडिल का 25 करोड़ का नया अनुमंडल अस्पताल तैयार, फिर भी पुराने जर्जर भवन में इलाज को मजबूर मरीज

चांडिल/सरायकेला-खरसावां। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 50 बेड का आधुनिक अनुमंडल अस्पताल भवन बनकर तैयार है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को अब भी पुराने और जर्जर अस्पताल भवन में सीमित संसाधनों के बीच इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।गांगुडीह में तैयार नए अस्पताल में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन अब तक इसका नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का इंतजार है।

पुराने अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

वर्तमान अस्पताल में मरीजों के लिए पेयजल तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है। अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन लगाए जाने के बावजूद इनके संचालन का निर्धारित समय स्पष्ट नहीं है।वहीं, लाखों रुपये की लागत से तैयार लैब के बंद रहने की जानकारी है। बिजली व्यवस्था के लिए लगाया गया सोलर सिस्टम भी लंबे समय से खराब बताया जा रहा है। अस्पताल परिसर में हाईमास्ट लाइट की स्थिति भी खराब है।

पोलियो बॉक्स में जमा बारिश का पानी

अस्पताल परिसर में रखे पोलियो बॉक्स में बारिश का पानी जमा होने से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डॉक्टर और एंबुलेंस की कमी बनी बड़ी समस्या

चांडिल अनुमंडल अस्पताल के बेहतर संचालन में डॉक्टरों और एंबुलेंस की कमी भी बड़ी चुनौती है। जानकारी के अनुसार अस्पताल को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए करीब 13 डॉक्टरों की जरूरत है, जबकि उपलब्ध डॉक्टरों की संख्या इससे काफी कम बताई जा रही है।वहीं, जरूरत के मुकाबले फिलहाल केवल एक एंबुलेंस के कार्यरत होने की बात सामने आई है। ऐसे में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों के मामलों में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

गांगुडीह में तैयार है 50 बेड का नया अस्पताल

दूसरी ओर गांगुडीह में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से नया अनुमंडल अस्पताल भवन तैयार है। यहां मरीजों के लिए 50 बेड, ऑपरेशन थिएटर, लैब, लेबर रूम, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।इसके अलावा चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था भी की गई है। बावजूद इसके अस्पताल अभी उद्घाटन और नियमित संचालन का इंतजार कर रहा है।

NH-32 और NH-33 के कारण अस्पताल की जरूरत और बढ़ी

चांडिल से NH-32 और NH-33 गुजरता है और इन मार्गों पर लगातार सड़क हादसे होते रहते हैं। ऐसे में क्षेत्र में आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधा वाला अस्पताल बेहद जरूरी है।नए अस्पताल का संचालन शुरू नहीं होने से सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने को लेकर भी चिंता बनी हुई है। आपातकालीन स्थिति में अस्पताल की उपलब्धता मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?

सिविल सर्जन के मुताबिक, नया अस्पताल भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जा चुका है। अस्पताल के उद्घाटन के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार किया गया है।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उद्घाटन होते ही अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

बड़ा सवाल: आखिर कब खुलेगा चांडिल का नया अस्पताल?

जब भवन तैयार है, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और क्षेत्र की जनता को इसकी जरूरत है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि चांडिल का नया अनुमंडल अस्पताल आखिर कब शुरू होगा?स्थानीय लोगों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल का तत्काल संचालन, पर्याप्त डॉक्टर, एंबुलेंस और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं चाहिए।

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