खबर का असर: झारखंड में खुले में मीट-मछली बिक्री पर सख्ती, झारखंड मंत्री परिषद ने म्युनिसिपल रेगुलेशन-2026 को दी मंजूरी

जमशेदपुर। झारखंड के शहरी क्षेत्रों में खुले में मांस , मछली और मुर्गे की बिक्री को लेकर सरकार ने नियमों को सख्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मंत्रिपरिषद की बैठक में म्युनिसिपल रेगुलेशन-2026 को मंजूरी दे दी है। नए प्रावधानों के तहत अब शहरी निकाय क्षेत्रों में मांस, मछली और मुर्गे का कारोबार करने के लिए आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।नए नियम के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में मांस, मछली और मुर्गे का व्यवसाय करने वालों को ट्रेड लाइसेंस के साथ संबंधित शहरी निकाय से एनओसी भी लेनी होगी। इसके अलावा दुकानदारों और वधशाला संचालकों के पास एफएसएसएआई का वैध लाइसेंस होना भी जरूरी होगा।

1 जुलाई की खबर के बाद फिर उठा था खुले में मीट बिक्री का मुद्दा

गौरतलब है कि 1 जुलाई 2026 को खुले में मीट और मछली की बिक्री को लेकर लौहनगरी न्यूज़ पोर्टल में समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मुद्दे ने फिर से प्रमुखता पकड़ी। इसके बाद झारखंड सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शहरी क्षेत्रों में मांस कारोबार के नियमन के लिए नए प्रावधानों को मंजूरी दी है।सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और मीट कारोबार के लिए एक व्यवस्थित नियामक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

जमशेदपुर में पहले भी खुले में बिक्री पर लग चुकी है रोक

कुछ वर्ष पहले झारखंड सहित जमशेदपुर में खुले में मीट-मछली की बिक्री को लेकर नियम लागू किए गए थे। उस समय कारोबारियों को सिविल सर्जन कार्यालय से एनओसी लेने और दुकानों को बाहर से ढककर रखने जैसे निर्देश दिए गए थे।शुरुआती दौर में इन नियमों का पालन हुआ, लेकिन समय बीतने के साथ कई इलाकों में इसका पालन कमजोर पड़ गया। इसके बाद खुले में मांस और मछली की बिक्री के मुद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों ने न्यायालय का भी रुख किया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्यों में नियमों पर जोर

खुले में मांस-मछली की बिक्री और इसके नियमन को लेकर न्यायालय में भी मामला उठाया गया था। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों और इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों में हो रही कार्रवाई के बाद झारखंड सरकार ने भी शहरी क्षेत्रों में मांस कारोबार के लिए स्पष्ट नियम बनाने की दिशा में कदम उठाया है।अब नए नियम लागू होने के बाद शहरी निकाय क्षेत्रों में बिना आवश्यक अनुमति के मीट कारोबार करना मुश्किल होगा।

कारोबार शुरू करने और जारी रखने के लिए लाइसेंस जरूरी

नए अधिनियम के तहत शहरी निकाय क्षेत्रों में मांस का व्यवसाय शुरू करने अथवा पहले से चल रहे कारोबार को जारी रखने के लिए ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा।कारोबारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित शहरी निकाय से एनओसी लेनी होगी। साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन के लिए वैध एफएसएसएआई लाइसेंस भी रखना आवश्यक होगा।

ऑनलाइन आवेदन की भी होगी व्यवस्था

मांस , मछली और मुर्गा कारोबार से जुड़े व्यापारी आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के लिए राज्य शहरी विकास अभिकरण के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।नए नियमों के लागू होने से शहरी क्षेत्रों में मांस कारोबार को एक निर्धारित प्रक्रिया और कानूनी ढांचे के तहत संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी।

जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड के शहरी क्षेत्रों पर होगा असर

म्युनिसिपल रेगुलेशन-2026 के प्रावधानों का असर जमशेदपुर समेत झारखंड के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में मांस, मछली और मुर्गा कारोबार करने वाले दुकानदारों पर पड़ेगा।अब कारोबारियों को ट्रेड लाइसेंस, संबंधित निकाय की एनओसी और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। प्रशासन की ओर से आने वाले समय में नियमों के अनुपालन को लेकर जांच और कार्रवाई भी तेज की जा सकती है।

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