जमशेदपुर: शहर के ऐतिहासिक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों में शामिल जुगसलाई दुर्गा बाड़ी ट्रस्ट के ट्रस्टी 76 वर्षीय विश्वनाथ भभई का शनिवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले एक वर्ष से सांस संबंधी बीमारी का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल में चल रहा था।उनके निधन की खबर मिलते ही जुगसलाई क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों और ट्रस्ट से जुड़े सदस्यों ने उनके निधन को सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताया।
दुर्गा पूजा के साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे
विश्वनाथ भभई का जुड़ाव केवल दुर्गा पूजा आयोजन तक सीमित नहीं था। शुरुआत से ही उनका रुझान सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यों की ओर रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में होने वाले सामाजिक कार्यों में वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।जुगसलाई दुर्गा बाड़ी ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 1936 में हुई थी और यह जमशेदपुर के पुराने एवं प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजनों में अपना विशेष स्थान रखता है। ट्रस्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में विश्वनाथ भभई की सक्रिय भूमिका रही।
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी की लोगों की सेवा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कोरोना महामारी समेत विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान विश्वनाथ भभई ने जरूरतमंदों की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने संकट के समय पीड़ित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए।लोगों ने कहा कि सामाजिक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण वे क्षेत्रवासियों के बीच सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे।
तार कंपनी में किया था काम
विश्वनाथ भभई ने अपने व्यावसायिक जीवन में तार कंपनी में कार्य किया था। नौकरी के साथ-साथ वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे और जुगसलाई क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
पांच दिन पहले अस्पताल में कराया गया था भर्ती
परिजनों के अनुसार, विश्वनाथ भभई पिछले करीब एक वर्ष से सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज टीएमएच में चल रहा था। करीब पांच दिन पहले अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।शनिवार को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
पार्वती घाट में हुआ अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार जुगसलाई पार्वती घाट में किया गया। अंतिम यात्रा में जुगसलाई दुर्गा बाड़ी ट्रस्ट के सभी ट्रस्टी, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में परिचित एवं शुभचिंतक शामिल हुए।विश्वनाथ भभई के निधन से पूरे जुगसलाई क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने उनके सामाजिक योगदान और जरूरतमंदों की सेवा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
