जमशेदपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ सेवा संघ की ओर से मानगो डिमना रोड स्थित महेंद्र मैरिज हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के कारण कार्यक्रम को सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। समारोह में करीब 500 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।कार्यक्रम में डिग्री एवं इंटर कॉलेज, उच्च, मध्य और प्राथमिक विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ सरकारी, अर्धसरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। समाज में बेहतर योगदान देने वाले शिक्षकों को अंगवस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
चरण धोकर और कुमकुम लगाकर शिक्षकों का किया स्वागत
समारोह में शामिल होने पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाओं का संघ के संयोजक विकास सिंह और अन्य सदस्यों ने पारंपरिक तरीके से चरण धोकर तथा माथे पर कुमकुम लगाकर स्वागत किया।इसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्वलित करने के साथ हुआ।
‘शिक्षकों का दिया ज्ञान पीढ़ियों तक जीवित रहता है’
संघ के संस्थापक सदस्य विकास सिंह ने शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक का पद अमर होता है, जबकि अन्य पद क्षणिक होते हैं। उनके अनुसार, शिक्षक द्वारा दिया गया ज्ञान पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ता रहता है।उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान और प्रकाश की ओर ले जाते हैं। शिक्षकों को केवल शिक्षक दिवस पर याद करने के बजाय उन्हें समाज में वास्तविक सम्मान देने की जरूरत है।विकास सिंह ने कहा कि बड़े आयोजनों में कई बार प्रभावशाली और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को अतिथि बनाया जाता है, जबकि शिक्षक पीछे बैठकर कार्यक्रम देखते हैं। शिक्षकों को वास्तविक सम्मान देने के लिए समाज को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर भी हुई चर्चा
समारोह के दौरान हाल के दिनों में केंद्र और राज्य सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों पर भी चर्चा हुई।वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक होना प्रतिभाओं के साथ अन्याय है। इससे न केवल योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि देश की प्रगति पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। वक्ताओं ने इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की आवश्यकता बताई।
नशे के खिलाफ कविता के जरिए दिया संदेश
कार्यक्रम में कवि शेषनाथ सिंह ने नशे से होने वाले नुकसान पर कविता प्रस्तुत की। परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के साथ-साथ परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है।वक्ताओं ने नशे को देश की आर्थिक, मानसिक और सामाजिक स्थिति के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को दी श्रद्धांजलि
झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के कारण समारोह में प्रस्तावित कई मनोरंजक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए।विद्यालय के बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिक्षकों के मनोरंजन के लिए कठपुतली नृत्य और शिक्षिकाओं के लिए म्यूजिकल चेयर का आयोजन भी स्थगित कर दिया गया।कार्यक्रम के अंत में सभागार में मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में एनआईटी के मैकेनिकल विभाग के एचओडी डॉ. बी. कुमार, जेकेएस कॉलेज के संस्थापक डॉ. ए.पी. सिंह, कवि शेषनाग सिंह, डॉ. आरती निछावन, डॉ. निधि घई सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।इसके अलावा विकास सिंह, हरी सिंह राजपूत, छोटेलाल सिंह, डॉ. पुष्कर बाला, डॉ. यू.पी. सिंह, दीपक चरण दत्ता, डॉ. जटाशंकर पांडे, विकास कुमार सिंह, अमर सिंह, बलराम शर्मा, शशि भूषण शर्मा, अभिषेक कमल, शंभू शरण सिंह, सविता गोस्वामी और प्रीति बोस समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
