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जमशेदपुर: स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क और उनकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एलन मस्क का पुतला दहन कर केंद्र सरकार से स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति नहीं देने की मांग की। मंच ने राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता का हवाला देते हुए उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शन के दौरान मंच के मनोज सिंह ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के खिलाफ नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि यदि स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने की अनुमति दी जाती है, तो उसका नियंत्रण और तकनीकी ढांचा भारतीय व्यवस्था के अधीन होना चाहिए।उन्होंने कहा कि कंपनी के सर्वर और नेटवर्क ग्रिड भारत में स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था पर किसी विदेशी कंपनी का नियंत्रण न रहे।
यूक्रेन और ईरान का उदाहरण देकर उठाए सवाल
मनोज सिंह ने यूक्रेन युद्ध, ईरान और म्यांमार जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में इंटरनेट सेवाओं में मनमाने बदलाव या बाधा उत्पन्न होने से गंभीर संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि भारत में युद्ध या आंतरिक संकट जैसी स्थिति में भी विदेशी कंपनी की इंटरनेट सेवा पर निर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है।
एलन मस्क की टिप्पणियों पर भी जताई आपत्ति
मंच के कार्यकर्ताओं ने एलन मस्क की ओर से भारत के संवैधानिक पदों और देश के नेतृत्व को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि भारतीय संवैधानिक संस्थाओं और देश के नेतृत्व का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी को भारत में काम करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
इस संबंध में स्वदेशी जागरण मंच की ओर से उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का हवाला देते हुए स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति नहीं देने की मांग की गई।मंच के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि भारतीय शर्तों और सुरक्षा प्रावधानों को दरकिनार कर कंपनी को सेवा शुरू करने की अनुमति दी गई, तो देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
