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अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब चार साल की प्रारंभिक सेवा पूरी करने के बाद बाहर होने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही उनका संभावित सेवा कार्यकाल छह साल तक हो सकेगा। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस फैसले को देश के युवाओं और सैनिकों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बड़ा उपहार बताया है।रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 4 नवंबर को इसकी घोषणा की। नई व्यवस्था के तहत शुरुआती चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की व्यवस्था के अनुसार योग्यता के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा।वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का अवसर दिया जाएगा। इस तरह वे कुल छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा कर सकेंगे।
छह साल बाद भी नियमित सेवा का अवसर
नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा। यानी छह साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित नियुक्ति स्वतः नहीं होगी।
युवाओं को मिलेगा अधिक अनुभव और कौशल विकसित करने का मौका
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस फैसले से युवाओं को सेना में काम करने, अनुभव हासिल करने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए अधिक समय मिलेगा। इससे अग्निवीरों के सामने सेना में आगे करियर बनाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।केंद्र सरकार के अनुसार, अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में बेहतर पारिश्रमिक देने का भी प्रावधान किया गया है। इस फैसले को अग्निपथ योजना की समीक्षा और पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के प्रदर्शन से मिले सकारात्मक फीडबैक के बाद लिया गया है।
