
सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने समाहरणालय परिसर से पीएम जनमन योजना के तहत तीन सचल (मोबाइल) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।यह सेवा एनएचएम झारखंड तथा हंस फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में निवास कर रहे आदिम जनजातियों और गैर-आदिम जनजातीय समुदायों को मुफ्त इलाज मुहैया कराना है।
इन तीन प्रखंडों में मिलेगी विशेष सुविधा
शुरुआत में, ये तीन मोबाइल एम्बुलेंस विशेष रूप से नीमडीह, चांडिल तथा कुचाई प्रखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में निवास करने वाले आदिम जनजातियों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी और हर संभव इलाज मुहैया कराएंगी।ये गाड़ियाँ महीने में 24 दिन कार्य करेंगी। मोबाइल यूनिटें सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक इन क्षेत्रों में भ्रमण कर स्वास्थ्य जांच करेंगी।
प्रत्येक यूनिट में होंगे पांच सदस्य
प्रत्येक मोबाइल यूनिट स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस होगी और उसमें पांच सदस्य की टीम होगी, जिसमें शामिल हैं एक एमबीबीएस डॉक्टर,एक टेक्नीशियन,एक कम्पाउंडर,एक एएनएम और एक अन्य सहयोगी।
उपायुक्त ने गिनाए लाभ
इस अवसर पर उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने कहा कि इन तीनों प्रखंडों में निवास करने वाले आदिम जनजातियों के स्वास्थ्य की गहन जांच की जाएगी और गंभीर रोग होने की स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया जाएगा, ताकि उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।इस मौके पर उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, बीपीएम, तथा हंस फाउंडेशन के नीरज समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
