
गिरिडीह (जमुआ):जिले के जमुआ प्रखंड के दलिया स्थित विवादित पत्थर खदान में मंगलवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच भयंकर झड़प और गोलीबारी हो गई। देखते ही देखते विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मृतक की पहचान सुरेश महतो के रूप में
पुलिस ने मृतक की पहचान जमुआ थाना क्षेत्र के चचघरा निवासी सुरेश महतो के रूप में की है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग भयभीत हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल क्षेत्र में तैनात किया गया है।
झड़प में कई लोग घायल, गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती
इस हिंसक झड़प में अरविंद वर्मा, सुगदेव महतो, रितलाल वर्मा, शिवम, साहिल और सोनू कुमार सहित कई लोग घायल हुए हैं।सभी घायलों को पहले जमुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
विवादित खदान बना तनाव का केंद्र
जानकारी के अनुसार, दलिया स्थित यह पत्थर खदान कई वर्षों से बंद थी। हाल ही में बिहार के नवादा जिले से आए एक संचालक ने कथित रूप से बाहरी गुंडों के सहयोग से खदान का पुनः संचालन शुरू कर दिया।जब स्थानीय ग्रामीणों ने इस पर विरोध जताया, तो दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और झड़प शुरू हो गई।स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लाठी-डंडे, पत्थरबाजी और अंततः गोलीबारी शुरू हो गई।गोली लगने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए।
क्षेत्र में फैली दहशत, प्रशासन ने संभाली स्थिति
गोलीबारी की सूचना मिलते ही जमुआ थाना प्रभारी मणिकांत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्थिति पर नियंत्रण पाया।थाना प्रभारी ने बताया कि घटना में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोली चलाने वालों की पहचान की जा रही है।घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है
ग्रामीणों में भय और आक्रोश
घटना के बाद दलिया और आसपास के गांवों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गैरकानूनी तरीके से खदान चलाने वाले संचालकों और बाहरी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से असामाजिक तत्वों की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं और प्रशासन को इस पर रोक लगानी चाहिए।
