
देवघर : नए साल की पहली किरण के साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है। साल 2026 के पहले दिन भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए देवघर में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। ‘बोल-बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान है।
अहले सुबह से ही लगी लंबी कतारें
नववर्ष के अवसर पर बाबा के दर्शन की चाहत में श्रद्धालु अहले सुबह (ब्रह्म मुहूर्त) से ही मंदिर पहुँचने लगे थे। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। बाबा मंदिर के निकास द्वार से लेकर मानसरोवर और उससे भी आगे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। हजारों की संख्या में आए शिवभक्तों ने कतारबद्ध होकर धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार किया।
सुखद दर्शन के लिए विशेष इंतजाम
बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा का विशेष ख्याल रखा है: भक्तों को सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए अरघा सिस्टम और कतार प्रबंधन को प्रभावी बनाया गया है।मंदिर के सेवादार और वालंटियर्स बुजुर्गों और दिव्यांगों की सहायता के लिए तत्पर दिखे।लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
सुख-समृद्धि की कामना
गर्भगृह पहुँचकर श्रद्धालु पवित्र शिवलिंग पर जल, पुष्प और बेलपत्र अर्पित कर रहे हैं। भक्त अपने, अपने परिवार और समाज के मंगलमय भविष्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। कई श्रद्धालु ऐसे भी दिखे जो साल की शुरुआत सात्विक मार्ग और अध्यात्म के साथ करने का संकल्प ले रहे थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: छावनी में तब्दील हुआ परिसर
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।मंदिर परिसर और बाहरी रास्तों पर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। मंदिर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है।सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई संवेदनशील पॉइंट्स बनाए गए हैं, जहाँ से आने-जाने वाले हर व्यक्ति की निगरानी की जा रही है।
देवघर में उत्सव का माहौल
बाबा मंदिर के आसपास के बाजारों में भी खासी रौनक देखी जा रही है। पेड़ा और पूजा सामग्री की दुकानों पर भारी भीड़ है। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रखने के लिए शहर के कई रास्तों पर रूट डायवर्जन लागू किया है ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
