
जमशेदपुर: मानगो नगर निगम चुनाव की आहट के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जहाँ एक ओर जिला प्रशासन ने वार्डों के आरक्षण की सूची जारी कर चुनावी बिसात बिछा दी है, वहीं दूसरी ओर व्यावहारिक समस्याओं और सड़क पर पुलिसिया सख्ती ने जनता व संभावित प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है।
आरक्षण सूची जारी, पर जाति प्रमाणपत्र का ‘रोड़ा’
जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची में सामान्य, पिछड़ा वर्ग , अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए वार्डों को आरक्षित किया गया है। इसका उद्देश्य सामाजिक संतुलन बनाना है, लेकिन धरातल पर एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।आरक्षित वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई संभावित प्रत्याशियों के पास अब तक जाति प्रमाणपत्र नहीं है।अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण वे अपना नामांकन दाखिल करने की पात्रता खो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि चुनाव को देखते हुए ‘स्पेशल विंडो’ के जरिए जल्द से जल्द प्रमाणपत्र निर्गत किए जाएं।
यातायात जांच या जनता की परेशानी?
चुनाव की तैयारियों के बीच मानगो की सड़कों पर चल रही सघन वाहन जांच आम लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है।मानगो चौक से लेकर डिमना चौक तक मुख्य मार्ग पर जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर जांच की जा रही है। इसके कारण पीक आवर्स में भीषण जाम लग रहा है, जिससे स्कूली बच्चे और दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रह रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का सुझाव है कि केवल मुख्य मार्ग (मेन रोड) पर केंद्रित रहने के बजाय पुलिस को न्यू पुरुलिया रोड और ओल्ड पुरुलिया रोड पर भी ध्यान देना चाहिए, जहाँ वर्तमान में केवल एक-एक पॉइंट पर जांच होती है। जांच बिंदुओं के विकेंद्रीकरण से मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
प्रशासन से त्वरित निर्णय की अपेक्षा
मानगो की जनता और चुनावी दावेदारों ने प्रशासन से दो प्रमुख मांगों पर ध्यान देने की अपील की है ।आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को तेज और बाधा मुक्त बनाया जाए। यातायात जांच के नाम पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए वैकल्पिक स्थानों का चयन किया जाए।
