
सरायकेला: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों को सुरक्षा के प्रति गंभीर बनाने के लिए सरायकेला पुलिस ने रविवार को एक अनूठी पहल की। जिला पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत के निर्देश पर शहर के व्यस्त गैरेज चौक पर ‘गांधीगिरी’ के जरिए वाहन चालकों को जागरूक किया गया। अभियान का नेतृत्व प्रशिक्षु डीएसपी पूजा कुमारी ने किया।
चालान नहीं, सुरक्षा का उपहार
रविवार को गैरेज चौक पर जब पुलिस ने वाहनों को रोकना शुरू किया, तो कई चालक चालान के डर से सहम गए। लेकिन पुलिस का व्यवहार देख वे हैरान रह गए। जो लोग बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहे थे, उन्हें पुलिस ने फटकार लगाने के बजाय नि:शुल्क हेलमेट भेंट किया। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों को गुलाब का फूल देकर आग्रह किया गया कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें।
हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जान के लिए:डीएसपी
अभियान के दौरान प्रशिक्षु डीएसपी पूजा कुमारी ने स्वयं कई चालकों को हेलमेट पहनाया। उन्होंने कहा लोग हेलमेट को पुलिस के चालान और जुर्माने से बचने का एक जरिया मानते हैं, जबकि यह आपके सिर की चोट और जान बचाने के लिए सबसे जरूरी कवच है। दुर्घटना बताकर नहीं आती, इसलिए सुरक्षा का पालन अनिवार्य रूप से करें।उन्होंने आगे बताया कि प्रशासन कई स्तरों पर जागरूकता फैला रहा है, जिसमें ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसे कड़े संदेशों के साथ-साथ ‘गुलाब देकर’ हृदय परिवर्तन करने जैसे अभियान शामिल हैं।
सीट बेल्ट के लिए भी दी गई हिदायत
अभियान के दौरान केवल दोपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि चार पहिया वाहनों की भी जांच की गई। जिन चालकों ने सीट बेल्ट नहीं लगाया था, उन्हें रोककर गुलाब का फूल दिया गया और सीट बेल्ट के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने उन्हें समझाया कि एयरबैग तभी काम करते हैं जब सीट बेल्ट लगी हो।
प्रशासन की मुस्तैदी
इस जागरूकता अभियान में ट्रैफिक प्रभारी इंस्पेक्टर राजू और सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की इस सकारात्मक पहल की स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने जमकर सराहना की। लोगों का मानना है कि दंड से अधिक इस तरह के व्यवहार से जनमानस पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
