
जमशेदपुर:सोनारी थाना अंतर्गत पंचवटी नगर में हुई महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने सोमवार को एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया। अपनी पत्नी की मौत के बाद से फरार चल रहे पति उमंग मुखी का शव सोमवार देर शाम स्वर्णरेखा नदी से बरामद किया गया है। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है।
स्वर्णरेखा नदी से बरामद हुआ शव
सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन दे ने बताया कि सोमवार शाम पुलिस को नदी में एक युवक का शव होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को पानी से बाहर निकाला, जिसकी पहचान बिरसानगर निवासी उमंग मुखी के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 2 जनवरी को पंचवटी नगर निवासी सलोनी मुखी का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला था।सलोनी की मौत के बाद उमंग मुखी ने ही अपनी बड़ी साली (सारथी मुखी) को फोन कर बताया था कि सलोनी ने फांसी लगा ली है। इसके तुरंत बाद वह मौके से फरार हो गया था। मृतका की बहन सारथी मुखी ने सोनारी थाने में उमंग के खिलाफ अपनी बहन की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
घर जमाई बनकर रहता था उमंग
पुलिस जांच में पता चला है कि उमंग मुखी के माता-पिता का देहांत पहले ही हो चुका था। वह अपने ससुराल में घर जमाई बनकर रहता था। पिछले कुछ महीनों से पति-पत्नी के बीच अक्सर अनबन और पारिवारिक कलह होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस की आशंका: सामाजिक लोक-लाज और डर के कारण दी जान
थाना प्रभारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और ससुराल वालों द्वारा हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद उमंग डर गया था।पुलिस की गिरफ्त में आने के डर और समाज में छवि खराब होने के कारण संभवतः उमंग ने स्वर्णरेखा नदी में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
सोनारी पुलिस अब दोनों ही मौतों (सलोनी और उमंग) की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सलोनी ने वाकई आत्महत्या की थी या उसकी हत्या हुई थी, और क्या उमंग की मौत के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं।
