सरायकेला: नगर पंचायत सफाईकर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना समाप्त; पूर्व उपाध्यक्ष की पहल पर काम पर लौटे कर्मी, मिला वेतन का आश्वासन

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सरायकेला: सरायकेला नगर पंचायत के सफाईकर्मियों द्वारा पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में गुरुवार को शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना कुछ ही घंटों में समाप्त हो गया। नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की सफल मध्यस्थता के बाद सफाईकर्मी मान गए और शहर की सफाई व्यवस्था को बहाल करने के लिए काम पर लौट आए हैं।

वेतन के अभाव में ठप रही शहर की सफाई

गुरुवार सुबह से ही नगर पंचायत के सभी सफाईकर्मी काम छोड़कर कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए थे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण पूरे नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। वार्डों से कचरा उठाव नहीं हुआ और गलियों में गंदगी पसरी रही। प्रदर्शनकारी सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं कर्मी

धरना दे रहे सफाईकर्मियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पिछले दो महीनों से मानदेय (वेतन) नहीं मिलने के कारण उनके सामने भूखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।कर्मियों ने कहा कि समय पर वेतन न मिलने से दुकानदारों का कर्ज बढ़ गया है, बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है और रोजमर्रा का खर्च चलाना भी दूभर हो गया है। लगातार देरी से भुगतान होने के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं।

पूर्व उपाध्यक्ष की पहल और प्रशासन का आश्वासन

आंदोलन की सूचना मिलते ही पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी धरना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने सफाईकर्मियों की मांगों को जायज ठहराते हुए तत्काल नगर प्रशासक समीर बोदरा से बातचीत की। वार्ता के बाद प्रशासन ने निम्नलिखित आश्वासन दिए।अगले 48 घंटों के भीतर सफाईकर्मियों को 45 दिनों का बकाया वेतन दे दिया जाएगा।बाकी बचा हुआ वेतन फरवरी माह में जनवरी के मानदेय के साथ जोड़कर भुगतान किया जाएगा।

कमीशनखोरी और खराब किट पर उठाए सवाल

सफाईकर्मियों का समर्थन करते हुए मनोज चौधरी ने नगर पंचायत के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा साल के 365 दिन विपरीत मौसम में काम करने वाले सफाईकर्मियों को समय पर वेतन न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके अलावा, कर्मियों को दी जाने वाली किट (सुरक्षा उपकरण) में भी भारी कमीशनखोरी हो रही है। उन्हें जो सामान दिया जाता है, वह इतनी निम्न गुणवत्ता का होता है कि कर्मचारी उसे इस्तेमाल ही नहीं कर पाते।

आंदोलन की चेतावनी

मनोज चौधरी ने नगर पंचायत प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने अपने रवैये में सुधार नहीं किया और भविष्य में वेतन में देरी हुई, तो वे सफाईकर्मियों के हक के लिए एक व्यापक और जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल सफाईकर्मियों ने अपना धरना स्थगित कर दिया है और शहर की सफाई का काम सुचारु रूप से शुरू हो गया है।

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